अब ऑटो, टैंपो व ई-रिक्शा में म्यूजिक बजा तो कटेगा चालान, महिलाएं बोलीं- थैंक्यू Lucknow Police

- Lucknow Police ने ऑटो, टैंपो व ई-रिक्शा में म्युजिक सिस्टम के खिलाफ छेड़ा अभियान
- एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा- म्युजिक सिस्टम मिला तो होगी कार्रवाई
- महिलाओं ने ली राहत की सांस, कहां- शुक्रिया लखनऊ पुलिस
- पत्रिका पोल पर भी लोगों ने की पुलिस के इस कदम की सराहना

By: Hariom Dwivedi

Updated: 07 Jul 2019, 06:54 PM IST

लखनऊ. राजधानी की पुलिस (Lucknow Police) ने अब ऑटो, टैंपो व ई-रिक्शा में म्यूजिक सिस्टम लगाने पर रोक लगा दी है। पुलिस ऐसे ऑटो-टेंपो का चालान कर रही है, जिनमें म्युजिक सिस्टम फुल स्पीड से बजता है। पुलिस का कहना है कि कई बार अश्लील गाने बजने पर अंदर बैठी महिलाएं और बुजुर्ग खुद को असहज महसूस करते हैं और बच्चे भी डर जाते हैं। पुलिस के इस कदम से शहर की शहर की युवतियों और महिलाओं में खुशी की लहर है।

पुलिस की इस पहल से उन वर्किंग युवतियों ने राहत की सांस ली है, जो रोजाना टैक्सी से बैठकर काम पर जाती हैं। उन्होंने इस पहल के लिए पुलिस को धन्यवाद कहा है। राजधानी के इंदिरानगर निवासी चेतना शर्मा का कहना है कि वह रोजाना ऑटो से ऑफिस जाती हैं। कई बार ऑटो ड्राइवर मना करने के बाद भी तेज आवाज में गाना बजाता है, वहीं आलमबाग की रूबी मिश्रा का कहना है कि पुलिस की यह पहल स्वागत योग्य है। अब कम से कम हम सुकून तो ऑफिस जा सकेंगे। बालागंज की अर्चना गौतम कहती हैं कि अगर कोई लड़की बैठी हो तो ज्यादातर टैक्सी वाले अश्लील भोजपुरी गाना बजा देते हैं, जिससे सफर पूरा करना मुश्किल हो जाता है। ठाकुरगंज निवासी राधा कहती हैं कि मेरा तीन वर्ष का बेटा तो गाने के डर से टैक्सी में बैठता ही नहीं है। बुजुर्गों ने लखनऊ पुलिस की इस पहल का स्वागत किया है।

lucknow police

एसएसपी कलानिधि नैथानी बोले
लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि ऑटो, टैंपो व ई-रिक्शा में तेज आवाज में संगीत बजाया जाता है, जिसके चलते महिलाओं, बुजुर्गों और शिशुओं को काफी दिक्कत होती है। कई बार तो ड्राइवर ऐसे अश्लील गाने बजा देते हैं कि महिलाएं खुद को काफी अहसहज महसूस करती हैं। उन्होंने बताया कि इसके खिलाफ जिले में अभियान चलाया जा रहा है। अबसे जिस ऑटो, टैंपो व ई-रिक्शा में म्यूजिक सिस्टम पाया गया, उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

पत्रिका पोल पर लोगों की राय
लखनऊ पुलिस (Lucknow Police) की इस पहल पर पत्रिका ने पाठकी राय जानने के लिए फेसबुक पर पोल चलाया था। पोल को लेकर करीब 90 फीसदी लोगों ने पुलिस के इस कदम का स्वागत किया है। सबने एक सुर से कहा कि यह नियम जरूरी था।

Hariom Dwivedi
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