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Double Murder: सायरा बानो व उसकी बेटी की हत्या का खुलासा

एक परिचित ने अपने साथी के साथ कराई थी मां-बेटी की हत्या, घटना में इस्तेमाल पिस्टल व लूटे गये गहने बरामद, मुख्य हत्यारोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश में दबिस दे रही पुलिस...

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Shribabu Gupta

Aug 04, 2015

rajnandgon murder case

rajnandgon murder case

लखनऊ।
मडियांव के बसंत विहार कॉलोनी निवासी क्षेत्र की बहुचर्चित सेक्स रैकेट संचालिका सायरा बानों और उसकी बेटी सोनी की गोली मारकर हत्या उसी के परिचित ने अपने एक साथी के साथ मिलकर की थी। क्राइम ब्रांच व मडियांव पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा कर मुख्य हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को अभी इस घटना में शामिल चार लोगों की तलाश है।


पुलिस का दावा है कि उनकी तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस को आरोपी के निशानदेही पर लूट के गहने व घटना में प्रयुक्त पिस्टल व एक जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। सायरा की हत्या आरोपी ने अपनी पत्नी और बेटी को अपने साथ लेकर सेक्स रैकेट कारोबार में न धकेल दे इस लिए इस वारदात को अंजाम दिया था।


एसएसपी राजेश कुमार पांडेय के मुताबिक, मडियावं स्थित बसंत बिहार कॉलोनी निवासी चर्चित महिला सायरा बानो व उसकी बेटी सोनी की हत्या एक जुलाई की देर शाम गोली मारकर हत्या की दी गई थी। वारदात के बाद पुलिस टीम कातिलों की तलाश में जुटी थी कि एक शख्स पर पुलिस का शक गहराया।


हत्यारों तक पहुंचने के लिए क्राइम ब्रांच व स्थानीय पुलिस को लगाया गया। क्राइम ब्रांच और मडियांव पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को सुल्तानपुर जिले के धम्मौर थाना क्षेत्र स्थित बलराम का पुरवा गांव व हाल पता मडियांव के अलीनगर नौबस्ता निवासी शिवओम त्रिपाठी उर्फ राजू उर्फ रियाज अहमद उर्फ अकील अहमद को गिरफ्तार किया है।



सीमेंट कारोबारी खुद को बताता था पत्रकार


बताया जाता है कि लाल बहादुर सीमेंट का कारोबार करता था। वह स्वंय को पत्रकार भी बताता था। जबकि उसकी पत्नी सायरा बानो सेक्स रैकेट चलाती थी। इस धंधे में लाल बहादुर सहित उसके परिजन भी शामिल थे। एक जून की रात को उसकी पत्नी सायरा और उसकी 15 वर्षीय बेटी सोनी की देर रात हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, बेटी की लाश बाथरूम में जबकि सायरा की लाश उसके बेडरूम में मिली थी। जिस समय घटना हुई उस समय सायरा का कथित पति लाल बहादुर मिश्रा अपनी दुकान पर था।



दो माह की पूछतांछ के बाद मिली सफलता


इस मामले में पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की। लगभग दो माह से चल रही पूछताछ के बाद पुलिस इस मामले में सफलता मिली। पुलिस सूत्रों का कहना है कि लूट के इरादे से दाखिल हुआ अपने एक अन्य साथी के साथ शिवओम त्रिपाठी ने सायरा की हत्या कर दी थी। हत्या करते हुए सोनी ने देख लिया था। पहचान होने के कारण सोनी की हत्या कर दी गई थी। दोनों की हत्या साइलेंसर युक्त असलहा और चाकू से गोंदकर हुई थी।



एक शख्स के तीन नाम


शिवओम त्रिपाठी अपना नाम बदलकर रियाज ऊर्फ राजू के नाम से अजीज नगर में रह रहा था। उसने नसीफा नाम की एक महिला से शादी की थी। नसीफा भी सेक्स रैकेट चलाती है। नसीफा और शायरा दोनों एक-दूसरे के बिजनेश में सहयोग करती थी। सूत्रों का कहना है कि नसीफा की दो पुत्रियां है दोनों इस गंदे देह व्यापार में संलिप्त है। शिवओम का आना-जाना सायरा के घर पर लगा रहता था। शिवओम के मुताबिक उसने देखा था कि सायरा के पास लाखों रुपये की ज्वैलरी मौजूद है। लूट के इरादे से उसने घटना को अंजाम दिया था।



एलियांज एनजीओ की सूचना पर हुई थी गिरफ्तारी


विगत वर्ष पूर्व एलियांज एनजीओ की सूचना पर तत्कालीन एसीएम पंचम मिश्रा और सीओ अलीगंज अखिलेश नारायण सिंह ने छापा मारकर सायरा सहित लगभग एक दर्जन युवतियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसका मकान भी सीज किया था। लेकिन उसी मकान में हत्या होना स्थानीय पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठा था।


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चाची बोलकर घर में दाखिल हुआ था हत्यारोपी


हत्यारोपी शिवओम त्रिपाठी बेहद शातिर अपराधी है। पुलिस रिकार्ड इस बात की गवाही दे रहे है कि शिवओम 9 जून 1996 को एक सुमन नाम की महिला से शादी की और कुछ दिन रिश्ता निभाने के बाद उसका संबध एक हसनगंज के खदरा निवासी फिरोजा नाम की महिला से हो गया तो वह सुमन से पीछा छुड़ाने के लिए सुमन को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की योजना बना डाला और वर्ष 2003 में अपनी पत्नी सुमन का कत्ल कर लाश को गायब कर दिया था।

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पहले भी जा चुका है सलाखों के पीछे


जिसमें हत्यारोपी शिवओम सात साल की सजा हुई थी, लिहाजा व अदालत से जमानत पर रिहा होने के बाद मां-बेटी को मौत की नींद सुलाने की योजना बनाई और एक जून को सायरा और उसकी बेटी सोनी की हत्या कर दी।



आरोपी पत्नी का भी कर चुका है कत्ल, डेढ़ दर्जन मुकदमें दर्ज

एसएसपी के अनुसार, मां-बेटी व पत्नी सुमन की हत्या के अलावा हत्यारोपी शिवओम ने वर्ष 2004 में अपने चार साथियों के साथ मिलकर गोमतीनगर इलाके में एक रश्मि नाम की दिनदहाड़े हत्याकर लूटपाट की थी। उ.नि. अक्षय कुमार सिंह के मुताबिक हत्यारोपी शिवओम के खिलाफ गोमतीनगर थाने में गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई के अलावा अलीगंज व विकासनगर में भी आ र्स एक्ट व लूट के करीब डेढ़ दर्जन मुकदमें दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि हत्यारोपी कभी शिवओम तो कभी रियाज या फिर अकील नाम रखकर महिलाओं को गुमराह कर उनकी जिंदगी से खिलवाड़ करता है। यही नहीं हत्यारोपी शिवओम सायरा को चाची कह कर बुलाता था और वारदात के दिन भी चाची बोलकर सायरा को आवाज दी थी।



एसएसपी ने पुलिस टीम को दिया 10 हजार का इनाम


एसएसपी के मुताबिक हत्यारोपी शिवओम का साथी आमीर और तीन अन्य फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें रवाना कर दी गई है। इस गुडवर्क पर खुश होकर एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने पुलिस टीम शामिल कर्मियों को दस हजार रूपये का नकद इनाम देकर नावाजा है।

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