
बैंक लॉकर हो जाएंगे अब महंगे, देने पड़ेंगे बढ़े हुए चार्जेज
लखनऊ. उत्तर प्रदेशवासियों के बैंक उपभोक्ताओं के लिए एक बुरी खबर। अब बैंक लॉकर में सामान रखना हो जाएगा महंगा। स्टेट बैंक आफ इंडिया ने अपने बैंक लॉकर चार्जेज को बढ़ा दिया है। मेट्रो शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक में लॉकर के शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। 31 मार्च से नई दरें लागू हो जाएंगीं। और पक्का है कि अन्य बैंक भी इसके बाद अपने लॉकर रेंट के चार्जेज को बढ़ा देंगी।
शहरों ही नहीं ग्रामीण क्ष़ेत्रों में अपने कीमती सामनों की सुरक्षा के लिए बैंक लॉकर लेने का चलन बढ़ रहा है। यह माना जाता है कि घर की अपेक्षा बैंक लॉकर में कीमती सामन अधिक सुरक्षित रहते हैं। इसके लिए बैंक चार्जेज लेती है। पर अब अगर आप भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के उपभोक्ता है और आपका इस बैंक में लॉकर है तो इसके लिए करीब पांच रुपए और शुल्क देना होगा। एसबीआई ने लॉकर के शुल्क में बढ़ोतरी की है और नई दरें 31 मार्च से लागू होंगी।
एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार, उसने लॉकर के आकार के आधार पर रेंटल चार्ज को 500-3,000 रुपए तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। नई दरें शहर के आकार पर लागू होंगी। अगर मेट्रो या बड़े शहर में छोटा लॉकर है तो रेंटल चार्ज को 500-2,000 रुपए तक बढ़ाया गया है। इन्हीं शहरों में बड़े लॉकर की फीस में 2,000-8,000 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। वहीं अर्धशहरी और ग्रामीण इलाकों में चार्ज को 1,000 रुपए से 6,000 रुपए के बीच बढ़ाया गया है। इन दरों में वस्तु एवं सेवा कर शामिल नहीं हैं।
एसबीआई छोटे और मीडियम लॉकर के लिए वन टाइम लॉकर रजिस्ट्रेशन चार्ज वसूलता है। यह चार्ज 500 रुपए है। जीएसटी अलग से लगता है। लार्ज और एक्स्ट्रा लार्ज लॉकर के लिए 1000 रुपए लगता है। इसमें जीएसटी अलग से लगता है। लॉकर रेंट वक्त पर न देने पर 40 फीसदी तक पेनाल्टी लग सकती है।
लखनऊ के कैसरबाग में यूनियन बैंक की शाखा में जानकारी करने पर पता चला कि इस वक्त छोटे लाकर का रेंट 1770 रुपए और बड़े लाकर का रेंट 3700 रुपए सालाना है।
Published on:
04 Mar 2020 12:07 pm
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