
priynka gandhi
लखनऊ। कांग्रेस के गढ़ अमेठी में इतिहास बनाने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के निशाने पर अब कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा हैं। इसके पहले उन्होंने राहुल गाँधी को हराया था. प्रेक्षकों की माने तो पता चलता है की स्मृति ईरानी का अमेठी दौरा कुछ यही संकेत दे गया। प्रियंका की तर्ज पर स्मृति ईरानी ने लोगों के बीच चौपाल लगाई। उनके दुख दर्द सुने और उनके निराकरण कराने के निर्देश दिए। इससे लोगो में उत्साह भी बढ़ा है।
कहा जा रहा है की जिस तरह प्रियंका लोगों के बीच जाकर सियासी मेसेज देने की कोशिश करती थी, उसी फार्मूले को अब स्मृति ईरानी ने अपनाकर राहुल को हराने के बाद नई जमीन तलाशने की संकेत दिया है। वहां की कई विधान सभाओ में वो पहुँच रही हैं। सलोन विधानसभा क्षेत्र भले ही अमेठी संसदीय क्षेत्र मे आता है, लेकिन यह रायबरेली का हिस्सा है। सलोन के जरिये सांसद रायबरेली वासियों को जनता का हितैषी होने का सन्देश देने का काम कर रही है। जो अपने आप में बड़ी बात हे।
बताते चलें की स्मृति ईरानी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में अमेठी की सरजमीं पर आई और गांधी परिवार के गढ़ में पहली बार ही चुनावी मैदान में उतरी। चुनाव भले ही न जीत पाई हों, लेकिन उन्होंने राहुल गांधी को कड़ी टक्कर दी थी। चुनाव हारने के बाद वह अमेठी संसदीय क्षेत्र में सक्रिय रही। वे यहां दौरे करके सीधा संवाद करती रहती थी। साथ ही राहुल गांधी पर हमलावर रहती थी। अभी से उनकी सक्रियता मिशन 2022 की तयारी सी लगती है।
Published on:
07 Jul 2019 11:37 am
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