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69000 शिक्षक भर्ती घोटाले के सूत्रधारों के संबंध भाजपा और अपनादल से, एसटीएफ ने इस सूत्रधार को मोस्ट वांटेड किया घोषित

-व्यापमं घोटाले से लेकर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक कराने में जा चुके हैं जेल-एसटीएफ का दावा, जल्द होंगे सलाखों के पीछे -आइए जानते हैं हजारों युवाओं के सपनों को ठगने वालों की असली कहानी

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शिक्षक भर्ती मामले में 4 जालसाज, 2 गिरफ्तार, दो फरार, कोई डॉक्टर, कोई नेता तो कोई बीए फेल

शिक्षक भर्ती मामले में 4 जालसाज, 2 गिरफ्तार, दो फरार, कोई डॉक्टर, कोई नेता तो कोई बीए फेल

पत्रिका इन्डेप्थ स्टोरी
महेंद्र प्रताप सिंह

लखनऊ. जसवंत सिंह, राज उर्फ पुष्पेंद्र, चंद्रमा यादव और डॉ. केएल पटेल शिक्षक भर्ती के यह चार जालसाज हैं। इन चारों ने उप्र के हजारों बेरोजगारों को ठगा है। इन शातिरों ने शिक्षा विभाग में कहीं अनोखे तरीके से फर्जीवाड़ा किया तो कहीं टीईटी परीक्षा से लेकर 69000 शिक्षकों की भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक कराने से लेकर कई अन्य फर्जीवाड़े किए। फिलहाल, पुलिस ने इन चार में से 2 को गिरफ्तार कर लिया है। दो फरार हैं। एसटीएफ का दावा है कि जल्द ही वह दोनों की गिरफ्तारी कर लेगी। 3 आईपीएस सत्यार्थ अनिरूद्ध पंकज, अशोक वेंकटेश और अनिल यादव टीईटी भर्ती के फर्जीवाड़े का खुलासे में अहम भूमिका निभा रहे हैं। आइए जानते हैं हजारों युवाओं के सपनों को ठगने वालों की असली कहानी-

व्यापमं घोटाले का आरोपी है केएल पटेल :- प्राइमरी स्कूलों में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती के फर्जीवाड़े में चर्चित नाम प्रयागराज के डॉ. केएल पटेल उर्फ कृष्ण लाल का है। सहायक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े के आरोप में यह अभी सलाखों के पीछे है। जिले के बहरिया, कपसा निवासी पटेल पुलिस रिकार्ड में फर्जीवाड़ा गिरोह का सरगना है। झांसी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक रह चुके पटेल पर विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा का आरोप है। पटेल पर मध्य प्रदेश के चर्चित व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले का भी आरोप है। पुलिस के अनुसार व्यापम मामले में यह वर्ष 2013 में 45 दिन जेल में रह चुका है। बाद में यह राजनीति में आया और जिला पंचायत सदस्य बना। कॉलेज संचालक के साथ-साथ मेडिकल प्रैक्टिसनर भी करता रहा। इस तरह समाजसेवी, डॉक्टर, नेता और स्कूल प्रबंधक की क्षेत्र में पहचान बन गयी। पटेल अपना दल (एस) के चिकित्सा प्रकोष्ठ का जिलाध्यक्ष भी रह चुका है। इलाहाबाद की प्रतापपुर विधानसभा सीट से वर्ष 2017 में निर्दल चुनाव लडऩे वाले 39 साल के पटेल ने एमबीबीएस की डिग्री छत्रपति शाहू जी महाराज, कानपुर विवि से हासिल की थी।

भाजपा नेता के करीबी की एसटीएफ को तलाश :- प्राथमिक स्कूलों के 69 हजार शिक्षकों की भर्ती के फर्जीवाड़े में दूसरा बड़ा नाम भी प्रयागराज से ही जुड़ा है। एसटीएफ को इस मामले में चन्द्रमा यादव की तलाश है। फिलहाल, यह अभी फरार है। इस पर टीईटी परीक्षा का पेपर लीक कराने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक चन्द्रमा ने अपने स्कूल, पंचम लाल आश्रम इंटर कॉलेज से टीईटी का पेपर लीक कराकर उसे केएल पटेल के गिरोह को दिया। इसी पेपर की आंसर शीट तैयार कर ब्लूटूथ डिवाइस और चेकदार रूमालों के जरिए अभ्यर्थियों तक पहुंचायी गयी। चन्द्रमा प्रदेश के मौजूदा कैबिनेट मंत्री का पूर्व प्रतिनिधि भी रह चुका है।

यह बीजेपी के किसान मोर्चे की प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य और पार्टी की महानगर इकाई में उपाध्यक्ष भी रह था। फिलहाल, एसटीएफ ने इसे मोस्ट वांटेड घोषित किया है। तलाश में जगह-जगह छापेमारी जारी है। इसके पहले 7 जनवरी को टीईटी पेपर लीक मामले में चन्द्रमा यादव एक बार जेल जा चुका है। बाद में जमानत पर जेल से छूटा था। हालांकि, चंद्रमा के परिवार वालों का कहना है कि उसे राजनीतिक साजिशन मामले में फंसाया जा रहा है।

कस्तूरबा विद्यालय शिक्षक भर्ती का मास्टरमाइंड इंटर पास :- कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में संविदा शिक्षकों की भर्ती मामले का मास्टर माइंड मैनपुरी का जसवंत सिंह है। यह बीए फेल है। वैभव कुमार के नाम से फर्जी दस्तावेज लगा कर यह भी कस्तूरबा आवासीय विद्यालय, मैनपुरी में नौकरी कर रहा था। पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, पुलिस इसे मुख्य अभियुक्त नहीं मान रही। पुलिस का कहना है कि भर्ती मामले का असली मास्टर माइंड जसंवत का भाई राज उर्फ नीतू उर्फ पुष्पेंद्र है। यह अभी फरार है।

अपने भाई की नौकरी लगवाने में सफल होने के बाद इसने अंबेडकरनगर, फर्रुखाबाद, कासगंज, जौनपुर, मैनपुरी समेत 25 जिलों में नौकरी की तलाश में भटक रहीं महिलाओं और युवतियों को अपने जाल में फंसाया। और किसी के एक लाख तो किसी से दो लाख ऐंठ लिए। अनामिका शुक्ला और प्रीति यादव की मार्कशीट के सहारे इसने 25 लड़कियों की विभिन्न जिलों में नौकरियां लगवाईं। पुलिस का कहना है कि इस काम में शिक्षा विभाग की भी मिलीभगत थी।