
यूपी के लिए सुकून की खबर : घबराइए नहीं...नहीं होगी अब ऑक्सीजन की कमी, जल्द मिलेंगे 10 हजार वेंटीलेटर
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. यूपी में बढ़ते कोरोना मरीजों (Coronavirus) और बेड की मारामारी के बीच सुकून (UP Relaxed news) की खबर है। उप्र सरकार ने कोविड-19 से निपटने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बेड (Covid Bed ) के बाद सबसे ज्यादा मारामारी ऑक्सीजन को लेकर है। इससे निपटने के लिए यूपी में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर ऑक्सीजन प्लांट लग रहे हैं। इफको चार ऑक्सीजन प्लांट (Oxygen) लगा रही है वह मुफ्त में ऑक्सीजन की सप्लाई करेगी। इसी तरह नोएडा की एक कंपनी डेढ़ लाख में 10 हजार वेंटीलेटर बना रही है। जल्द ही वह यूपी के अस्पतालों को डिमांड के हिसाब से वेंटीलेटर देगी। रेमेडेसिविर की कमी को पूरा करने के लिए 25 हजार इंजेक्शन की दूसरी खेप लखनऊ पहुंच चुकी है। उधर, एसजीपीजीआइ के चिकित्सकों ने रेमेडेसिविर के विकल्प के रूप में सस्ती दवा डेक्सामेथासोन को अपनाने की सुझाव दिया है।
वेंटिलेटर की कमी होगी खत्म
उप्र में वेंटिलेटर की कमी को दूर करने के लिए नोएडा की कंपनी एग्वा हेल्थ केयर जल्द ही दस हजार वेंटिलेटर (Ventilator ) अस्पतालों को सौंपेगी। इसकी कीमत डेढ़ लाख रुपए है। इस कंपनी ने बीते साल 500 वेंटिलेटर उत्तर प्रदेश सरकार को उपलब्ध कराए थे। केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्यों के लिए 700 वेंटिलेटर बनाकर कंपनी ने गत दिनों दिए हैं। कंपनी प्रतिमाह 10 हजार वेंटिलेटर बना रही है। गौरतलब है कि बीते मार्च में देश के सरकारी अस्पतालों में 14,220 आईसीयू वेंटिलेटर युक्त थे। कोविड-19 के रोगियों के लिए बनाए गए अस्पतालों में करीब 6000 वेंटिलेटर थे। जबकि, यूपी के 36 जिलों में बीते साल 25 मार्च तक एक भी वेंटिलेटर नहीं था। आज यूपी के इन जिले में करीब पांच वेंटिलेटर हो गए हैं। इस बार मरीजों को पांच से छह दिनों के बाद वेंटिलेटर की जरूरत पड़ रही है, जबकि पहले वेंटिलेटर की आवश्यकता 10 से 15 दिनों के बाद होती थी।
इफको देगा मुफ्त में ऑक्सीजन मिलेगी
उप्र में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए उर्वरक कंपनी इफको 30 करोड़ रुपये के निवेश से उत्तर प्रदेश, गुजरात और ओडिशा में चार चिकित्सा ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने जा रही है। 15 दिन के भीतर इफको अस्पतालों में मुफ्त आपूर्ति करेगी। ये संयंत्र कलोल (गुजरात), आंवला और फूलपुर (उत्तर प्रदेश) और पारादीप (ओडिशा) में लगेंगे। उधर, लखनऊ सहित 13 जिलों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम शुरू हो गया है। 75 जिलों में 81 इकाइयां प्रतिदिन 900 मीट्रिक टन से ज्यादा ऑक्सीजन का उत्पादन कर रही हैं। कानपुर की रिमझिम इस्पात 1500 सिलेंडर प्रतिदिन ऑक्सीजन बना रही है। इसे वह एक रुपए में उपलब्ध करवा रही है।
एसजीपीजीआइ ने डेक्सामेथासोन इंजेक्शन ( Dexamethasone Injection ) का विकल्प सुझाया
बढ़ते कोरोना संक्रमण में रेमडेसिविर इंजेक्शन की डिमांड बहुत बढ़ गयी है। इस बीच मरीजों की उखड़ती सांस को बचाने के लिए एसजीपीजीआई यानी संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल इंस्टीटयूट के चिकित्सक ने रेमडेसिविर के विकल्प के रूप में डेक्सामेथासोन इंजेक्शन का सुझाव दिया है। इसकी पिल्स भी बाजार में उपलब्ध है। इसकी एक गोली की कीमत दो रूपए है। जबकि, इंजेक्शन की कीमत भी 10 रुपए से भी कम है। इस बीच उप्र में मंगलवार को 25 हजार रेमेडेसिविर के इंजेक्शन पहुंच गए हैं।
बेड की बढ़ रही संख्या
पूरे उप्र में बेड की संख्या की कमी को दूर करने के लिए निजी क्षेत्र की अस्पतालों को कोविड हॉस्पिटल में बदला जा रहा है। लखनऊ में करीब पांच हजार कोरोना स्पेशल बेड के इंतजाम हैं। अब डीआरडीओ की एक यूनिट ने लखनऊ में 350 बेड का अस्पताल बनाने का काम शुरू कर दिया है। हर जिले में निजी क्षेत्र की अस्पतालों को भी कोविड अस्पताल बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गयी है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में कोविड-19 की जांच की सुविधा भी बढ़ायी जा रही है। अभी सरकारी क्षेत्र की 125 और निजी क्षेत्र की 104 लैब हैं।
Published on:
20 Apr 2021, 3:15 PM IST
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