पूजन विश्व को समस्त अनिष्टों पर नियंत्रण स्थापित करेगा।
लखनऊ। दुनिया भर में कोरोना के फैलते प्रकोप को देखते हुए देश-विदेश के सभी मानवों की स्वास्थ्य रक्षा के लिए राजेन्द्र नगर द्वितीय मार्ग पर स्थित महाकाल शिव मन्दिर में सोमवार की शाम को मंगल रुद्राभिषेक किया गया। इस अवसर पर वहां रोज सुबह होने वाले रुद्राभिषेक का 11 हजारवां रुद्राभिषेक अनुष्ठान भी सम्पन्न हुआ। सोमवारीय पूजन में भक्तों को रवियोग के संयोग का लाभ भी मिला।
मंदिर के मुख्य सेवादार अतुल मिश्रा ने बताया कि रवि-योग को सूर्य का अभीष्ट प्राप्त होने के कारण प्रभावशाली योग माना जाता है। सूर्य की जीवन दायनी पवित्र ऊर्जा से युक्त होने से इस योग में किया गया कार्य अनिष्ट की आंशका को नष्ट करके शुभ फल प्रदान करता है। इसलिए सोमवार को किया गया पूजन विश्व को समस्त अनिष्टों पर नियंत्रण स्थापित करेगा।
सोमवार को सुबह नियमित होने वाला रुद्राभिषेक किया गया। यह दैनिक क्रम का 11 हजारवां रुद्राभिषेक था। दूसरी ओर शाम को हुए मंगल रुद्राभिषेक में उज्जैन से लाया गया पवित्र हरिहरजल, भस्म आदि अर्पित कर मंगल की कामना की गई। इस अवसर पर भक्तों की ओर से गौ माता का दूध, दही, शहद आदि अर्पित किया गया। अष्टगंध से शुद्ध वातारण की कामना की गई।
सोमवारीय संध्या महा आरती शंख, घंटा, ढोल ताशे और जयकारों के साथ की गई। इस अवसर पर बाबा का श्रंगार देखते ही बना। आरती पंच दीपकों से विधिवत रूप में की गई। वहां आए भक्तों ने चैत्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी का पूजन कर समस्त रोग मुक्ति की प्रार्थना भी की।