
बसपा सुप्रीमों मायावती
uniform civil code प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समान नागरिक संहिता यानी UCC के समर्थन में भोपल में एक बयान दिया। इसके बाद से देश में यूसीसी पर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई। वहीं, अब UCC मुद्दे पर बीजेपी को बसपा सुप्रीमों मायावती का साथ मिला है। लखनऊ में मायावती ने बयान जारी करके UCC मुद्दे पर पार्टी का पक्ष रखा है।
सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार आगामी मॉनसून सत्र में समान नागरिक संहिता का बिल संसद में पेश कर सकती है। सरकार ने संसद के मॉनसून सत्र में समान नागरिक संहिता बिल लाने की तैयारी कर ली है। समान नागरिक संहिता कानून संबंधी बिल संसदीय समिति को भी भेजा जा सकता है।
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संकीर्ण स्वार्थ की राजनीति करना देश हित में नहीं: मायावती
मायावती ने कहा,"हमारी पार्टी UCC के विरोध नहीं है। लेकिन उसे जबरन थोपने का प्रावधान बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर के संविधान में निहीत नहीं है। इसके लिए जागरुकता और आम सहमती को श्रेष्ठ माना गया है। जिस पर अमल नहीं करके संकीर्ण स्वार्थ की राजनीति करना देश हित में सही नहीं है, जो कि इस समय की जा रही है। संविधान की धारा 44 में सामान सिविल संहिता बनाने का प्रयास तो वर्णित है लेकिन इसे थोपने का नहीं है।"
मायावती ने बीजेपी को दी सलाह
मायावती ने आगे कहा, "इन सब बातों को खास ध्यान में रखकर ही बीजेपी को देश में यूसीसी लागू करने के लिए कोई कदम उठाना चाहिए। हमारी पार्टी यूसीसी को लागू करने के विरोध में नहीं है, बल्कि बीजेपी के इसे देश में लागू करने के तौर तरीकों से सहमत नहीं है। जिसमें सर्व धर्म हिताय सर्व धर्म सुखाय की नीति नहीं बल्कि इसकी आड़ में इनकी संकीर्ण स्वार्थ की राजनीति ज्यादा देखने को मिल रही है।"
Updated on:
02 Jul 2023 12:29 pm
Published on:
02 Jul 2023 12:25 pm
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