
Shivpal Mulayam
लखनऊ. प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया की जनाक्रोश रैली में वह हुआ जिसकी उम्मीद कम ही थी। समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने यहां सरप्राइज एंट्री की। लाखों की भीड़ उनके आगमन को देख हक्के-बक्के रह गए। ऐसा इसलिए क्योंकि हाल ही के दिनों में शिवपाल और मुलायम के बीच कुछ मतभेद देखने को मिल रहा था, लेकिन मुलायम ने जनाक्रोश रैली में पहुंचकर सभी कयासों पर विराम लगा दिया है। मुलायम सिंह यादव के साथ उनकी छोटी बहू अपर्णा यादव भी रैली पहुंची।
नहीं दिया गया था न्यौता-
शिवपाल सिंह यादव ने भले ही उन्हें आमंत्रण ने देने की बात कही थी, साथ ही उनके जनाक्रोश में होने या न होने से फर्क नहीं पड़ने जैसा बड़ा बयान दिया था, लेकिन मुलायम सिंह यादव ऐसी किसी भी स्थिति को हवा नहीं देना चाहते जिससे परिवारिक मतभेद बढ़े। आपको याद दिला कि इटावा में मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन के मौके पर शिवपाल ने बड़ा आयोजन किया था, लेकिन नेताजी इसमें नहीं पहुंचे थे, जिसके बाद ही शिवपाल उनसे बेहद नाराज दिखे थे।
इसलिए पहुंचे मुलायम-
जनाक्रोश रैली भाजपा का खिलाफ आयोजिक की गई रैली है। 2019 चुनाव से पहले सभी विपक्षी दल ऐसी रैलियां कर भाजपा के खिलाफ हुंकार भर रहे हैं। मुलायम सिंह यादव ने हाल में फिरोजाबाद में भी एक जनसभा में बेेटे अखिलेश यादव के साथ ऐसी ही हुंकार भरी थी और भाजपा को 2019 चुनाव में किसी भी तरह हराने की बात कही थी। शिवपाल यादव भी इसी मकसद के साथ इस रैली में उतरे और मुलायम भला इसमें शामिल होने से कैसे पीछे हट सकते थे।
लोगों में फिर भी असमंजस-
जहां साफ तौर पर शिवपाल और मुलायम के बीच की रार दिखने लगी थी, वहीं अब नेताजी के इस कदम ने लोगों को एक बार असमंजस की स्थिति में डाल दिया है। सपा व प्रसपा के समर्थक उधेड़बुन में है कि आखिर मुलायम सिंह यादव किसके साथ हैं।
Published on:
09 Dec 2018 01:41 pm
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