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मोदी ने लखनऊ की रैली में बोले दो बड़े ‘झूठ’, जानिए क्या है सच…

मोदी के लखनऊ के भाषण में थे दो बड़े 'झूठ’, जानिए क्या है हकीकत...

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Kaushlendra Singh

Jan 02, 2017

Modi in Lucknow

Modi in Lucknow

लखनऊ।
मोदी की रैली हो, उनका भाषण हो और उसके बाद उनकी बातों में यह न देखा जाए कि इस बार क्या तथ्य गलत बोले गए ऐसा कभी नहीं हो सकता। लखनऊ के रमाबाई मैदान में भाजपा की परिवर्तन रैली में उमड़े जनसमूह को देख गदगद मोदी एक बार फिर दो बड़े झूठ बोल गए। आइए जानते हैं मोदी के भाषण की वे दो बातें जो असल में झूठ थीं...


पहला झूठ


मोदी ने अपने भाषण के दौरान बोले जयपुर में राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह अगर टीवी पर यह कार्यक्रम देख रहे होंगे तो खुश होकर हम सबको आशीर्वाद दे रहे होंगे। असलियत ये है कि कल्याण सिंह सोमवार को जयपुर में नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे। जब मोदी लखनऊ में भाषण दे रहे थे कल्याण सिंह अलीगढ़ के डी एस कॉलेज में ई-लाइब्रेरी का शुभारंभ कर रहे थे।




दूसरा झूठ


प्रधानंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण में आगे कहा कि आपने सपा-बसपा को किसी मुद्दे पर एक साथ नहीं देखा होगा लेकिन मोदी के नाम पर दोनों एक साथ आ गए। असलियत ये है कि 1993 में सपा और बसपा गठबंधन से उत्तर प्रदेश में सरकार बना चुकी है।आपको याद दिला दें कि भाजपा से निपटने के लिए 1993 में सपा-बसपा ने चुनाव पूर्व गठबंधन का प्रयोग किया था। चुनाव में इस गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला। मुलायम सिंह यादव 5 दिसंबर 1993 को दूसरी बार सूबे के मुख्यमंत्री बने, पर दोनों दलों के अंतर्विरोध और अहम का टकराव भारी पड़ा। 3 जून 1995 को बसपा के सपा से नाता तोड़ने के चलते यह सरकार गिर गई। उस राजनैतिक उठापटक के दौर में भाजपा ने बसपा को समर्थन दिया। मायावती पहली बार मुख्यमंत्री बनीं, लेकिन सरकार टिकाऊ नहीं रह पाई। भाजपा व बसपा के बीच टकराव के चलते सरकार गिर गई और 1996 में फिर चुनाव हुए।


(Pic Credit: Ritesh Singh)

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