प्रधानंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण में आगे कहा कि आपने सपा-बसपा को किसी मुद्दे पर एक साथ नहीं देखा होगा लेकिन मोदी के नाम पर दोनों एक साथ आ गए। असलियत ये है कि 1993 में सपा और बसपा गठबंधन से उत्तर प्रदेश में सरकार बना चुकी है।आपको याद दिला दें कि भाजपा से निपटने के लिए 1993 में सपा-बसपा ने चुनाव पूर्व गठबंधन का प्रयोग किया था। चुनाव में इस गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला। मुलायम सिंह यादव 5 दिसंबर 1993 को दूसरी बार सूबे के मुख्यमंत्री बने, पर दोनों दलों के अंतर्विरोध और अहम का टकराव भारी पड़ा। 3 जून 1995 को बसपा के सपा से नाता तोड़ने के चलते यह सरकार गिर गई। उस राजनैतिक उठापटक के दौर में भाजपा ने बसपा को समर्थन दिया। मायावती पहली बार मुख्यमंत्री बनीं, लेकिन सरकार टिकाऊ नहीं रह पाई। भाजपा व बसपा के बीच टकराव के चलते सरकार गिर गई और 1996 में फिर चुनाव हुए।