महावीर पंचांग के अनुसार इस बार 17 सितंबर को प्रतिपदा, 18 सितंबर को द्वितीया, 19 सितंबर को तृतीया, 20 सितंबर को चतुर्थी, 21 सितंबर को पंचमी, 22 सितंबर को पष्ठी और सप्तमी, 23 सितंबर को अष्टमी, 24 सितंबर को नवमी होगी। नवमी को मातृ का पूजन किया जाएगा। 25 सितंबर को दशमी का पूजन होगा। 26 सितंबर को एकादशी होगी। इस दिन अन्नदान न करके फलों से श्राद्ध किया जाएगा। 27 सितंबर को द्वादशी पर संन्यासी और साधु का श्राद्ध पूजन होगा। 28 सितंबर को त्रयोदशी का पूजन किया जाएगा। मघायुक्त होने से यह श्राद्ध अक्षय फल देने वाला रहेगा। 29 सितंबर को चतुर्दशी पर अकाल मृत्यु वाले पितरों का श्रद्धा किया जाएगा। 30 सितंबर को अमावस्या पर उन पितरों का श्राद्ध कर्म किया जाएगा जिनके निधन की तिथियां अज्ञात हैं।