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UP Health : यूपी में फाइलेरिया पर बड़ा वार, 1.40 करोड़ लोगों को दवा देने का मेगा स्वास्थ्य अभियान शुरू

UP Filariasis Campaign: प्रदेश में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए बड़े पैमाने पर एमडीए अभियान शुरू हुआ है। 1.40 करोड़ लोगों को बचाव की दवा देने का लक्ष्य रखा गया है। 21 जिलों में स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने वर्चुअल शुभारंभ किया, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जानकारी दी।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Feb 11, 2026

फाइलेरिया उन्मूलन की ओर बड़ा कदम: 1.40 करोड़ लोगों को दवा देने का लक्ष्य, प्रदेश के 21 जिलों में शुरू हुआ वृहद एमडीए अभियान (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

फाइलेरिया उन्मूलन की ओर बड़ा कदम: 1.40 करोड़ लोगों को दवा देने का लक्ष्य, प्रदेश के 21 जिलों में शुरू हुआ वृहद एमडीए अभियान (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

UP Health Campaign: उत्तर प्रदेश में फाइलेरिया जैसी गंभीर और दीर्घकालिक बीमारी के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़े पैमाने पर अभियान छेड़ दिया है। प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 1.40 करोड़ लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह अभियान मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) के तहत चलाया जा रहा है, जिसका शुभारंभ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने वर्चुअल माध्यम से किया। यह राष्ट्रीय स्तर का अभियान देश के 12 राज्यों के 124 जिलों में एक साथ प्रारंभ हुआ है, जिसे राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के साथ जोड़ा गया है। उत्तर प्रदेश में यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन जिलों में चलाया जा रहा है जहाँ फाइलेरिया संक्रमण की आशंका अधिक है।

फाइलेरिया: एक मौन लेकिन गंभीर बीमारी

फाइलेरिया, जिसे आम भाषा में हाथीपांव रोग भी कहा जाता है, मच्छरों के माध्यम से फैलने वाली परजीवी बीमारी है। यह शरीर के लसीका तंत्र को प्रभावित करती है, जिससे हाथ, पैर या अन्य अंगों में असामान्य सूजन हो सकती है। समय पर इलाज और रोकथाम न होने पर यह रोग व्यक्ति की कार्यक्षमता, सामाजिक जीवन और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है। डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि फाइलेरिया का प्रभाव केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं, बल्कि यह व्यक्ति की उत्पादकता और परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी असर डालता है। इसलिए इसकी रोकथाम अत्यंत आवश्यक है।

1.40 करोड़ लोगों को दवा देने का लक्ष्य

विधानसभा स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में ब्रजेश पाठक ने बताया कि इस बार अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा।

  • 21 जिलों के 64 प्लानिंग यूनिट शामिल
  • 12,332 टीमों की तैनाती
  • 2,246 पर्यवेक्षक निगरानी के लिए नियुक्त

टीमें घर-घर जाकर पात्र व्यक्तियों को दवा खिलाएंगी। स्वास्थ्य कर्मी यह सुनिश्चित करेंगे कि दवा लोगों के सामने ही सेवन कराई जाए, जिससे प्रभावशीलता बनी रहे।

इन जिलों में चल रहा अभियान

अभियान प्रदेश के निम्नलिखित 21 फाइलेरिया प्रभावित जिलों में संचालित हो रहा है,शाहजहांपुर, बलिया, बाराबंकी, चित्रकूट, उन्नाव, प्रतापगढ़, अयोध्या, भदोही, हरदोई, कौशांबी, प्रयागराज, सोनभद्र, अंबेडकरनगर, औरैया, बहराइच, बांदा, फतेहपुर, खीरी, लखनऊ, पीलीभीत और रायबरेली।

आयुष्मान केंद्रों पर उपलब्ध दवा

सरकार ने सभी आयोग्य आयुष्मान केंद्रों पर फाइलेरिया की दवा उपलब्ध कराई है। जो लोग घर पर दवा नहीं ले पाते, वे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर दवा प्राप्त कर सकते हैं।

अभियान का उद्देश्य

  • फाइलेरिया संक्रमण की श्रृंखला तोड़ना
  • रोग के प्रसार को रोकना
  • प्रभावित क्षेत्रों को रोग मुक्त बनाना
  • लोगों में जागरूकता बढ़ाना
  • जन सहभागिता जरूरी

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे दवा लेने में संकोच न करें। यह दवा सुरक्षित है और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में दी जाती है। कुछ हल्के दुष्प्रभाव संभव हैं, जो सामान्य हैं और अस्थायी होते हैं। इस अवसर पर राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित घोष, डीजी हेल्थ डॉ. पवन कुमार, एमडी एनएचएम पिंकी जोएल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।