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लोकसभा चुनाव में हार के बाद अखिलेश यादव को एक और झटका, इस बड़े नेता छोड़ी पार्टी, थाम लिया भाजपा का दामन

- समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता Neeraj Shekhar ने सपा से दिया इस्तीफा- राज्यसभा सांसद की भी छोड़ी सदस्यता- बलिया से टिकट न मिलने से नाराज थे नीरज शेखर- पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के सुपुत्र हैं नीरज शेखर
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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

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Updated: 16 Jul 2019, 4:40 PM IST

Akhilesh Yadav

लोकसभा चुनाव में हार के बाद अखिलेश यादव को दोहरा झटका, बीजेपी में शामिल होने जा रहा है सपा का यह दिग्गज ने

लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद नीरज शेखर (Neeraj Shekhar) भाजपा में शामिल हो गये। बलिया से सांसद रहे नीरज पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर (Ex pm Chandra Shekhar) के सुपुत्र हैं। लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Chunav 2019) में सपा से टिकट नहीं मिलने से वह नाराज थे। सोमवार को नीरज शेखर ने राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू को अपना इस्तीफा सौंपा, जो मंजूर कर लिया गया। उन्होंने समाजवादी पार्टी की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नीरज ने अमित शाह और पार्टी महासचिव भूपेन्द्र यादव से मुलाकात कर स्पष्ट संकेत दे दिये थे, जल्द ही वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो जाएंगे। सदन में नीरज का कार्यकाल नवंबर 2020 तक था।

वर्ष 2007 और 2009 में बलिया से सांसद रहे नीरज शेखर को अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने 2019 के लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया था। इससे वह नाराज थे। गौरतलब है बलिया लोकसभा सीट से उनके पिता चंद्रशेखर आठ बार सांसद चुने गये। चंद्रशेखर के निधन के बाद नीरज शेखर ने ही बलिया से उपचुनाव लड़ा और भारी मतों से जीते भी थे। इसके बाद बाद वह 2009 में भी सपा से सांसद चुने गये। 2014 में नीरज भाजपा प्रत्याशी से चुनाव हार गये। बीते आम चुनाव में पिता की विरासत छिनने से वह अखिलेश यादव से नाराज थे। समाजवादी पार्टी ने बलिया से सनातन पांडेय को पार्टी उम्मीदवार बनाया था, जो मामूली अंतर से भाजपा के कैंडिडेट वीरेंद्र सिंह से चुनाव हार गये थे।

सपा को दोहरा झटका दे गये नीरज
यूपी विधानसभा उपचुनाव (UP Vidhansabha Upchunav 2019) से पहले नीरज शेखर (Neeraj Shekhar) के भाजपा में शामिल होने को समाजवादी पार्टी के लिए दोहरा झटका माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि एक बड़ी पृष्ठभूमि वाले नेता ने समाजवादी पार्टी से किनारा कर लिया, वहीं राज्यसभा की एक सीट भी सपा के खाते में कम हो गई। 2019 के आम चुनाव से पहले तक नीरज शेखर अखिलेश यादव के बेहद करीबी नेता माने जाते थे।

रामगोपाल बोले फर्क नहीं पड़ता
नीरज शेखर के बीजेपी में शामिल होने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा है कि नीरज शेखर उन्हें अपना गुरू मानते हैं। आज गुरु पूर्णिमा है, इस नाते वह उन्हें सिर्फ आशीर्वाद दे सकते हैं। कहा कि शुभकामनाएं नीरज के साथ हैं। सियासी दल रेलगाड़ी की तरह होते हैं। यहां लोग छड़ते हैं और उतर जाते हैं। समाजवादी पार्टी में कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी हुई है। किसी के आने-जाने से पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ता है।

नीरज शेखर का राजनीतिक सफर
2007 में पिता चंद्रशेखर की मौत के बाद उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर बलिया से सांसद चुने गये
- 2009 के लोकसभा चुनाव में बसपा के संगम सिंह यादव यादव को हराकर वह दोबारा सांसद चुने गये
- 2014 के लोकसभा चुनाव नीरज शेखर भारतीय जनता पार्टी के भरत सिंह से करीब एक लाख मतों से चुनाव हार गये