New Parliament Building: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव एक श्लोक के जरिए संसद के नए भवन के उद्घाटन समारोह क्यों नहीं शिरकत करेंगे।
New Parliament Building: नए संसद भवन के उद्धाटन समारोह से पहले इसको लेकर सियासत छिड़ गई है। देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस समेत 19 राजनीतिक पार्टियों ने इस समारोह के विरोध का ऐलान किया गया है। वहीं कई पार्टियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने ट्वीट कर विरोध जताया है। उन्होंने कहा ‘जहां सत्ता का अभिमान हो परंतु विपक्ष का मान नहीं, वो सच्ची संसद हो ही नहीं सकती'
अखिलेश ने श्लोक के जरिए किया बहिष्कार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने ट्वीट में कहा, "भाजपाईयों द्वारा संसद के दिखावटी उद्धाटन से नहीं, बल्कि वहाँ पर लिखे ‘श्लोकों’ की मूल भावना को समझकर, सभी को सुनने व समझने का बराबर अवसर देना ही सच्ची संसदीय परंपरा है। जहाँ सत्ता का अभिमान हो परंतु विपक्ष का मान नहीं, वो सच्ची संसद हो ही नहीं सकती, उसके उद्धाटन में क्या जाना।"
28 मई को पीएम मोदी करेंगे उद्धाटन
दरअसल, विपक्षी पार्टियां नए संदस भवन का उद्धाटन राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से कराने की मांग की थी। इन दलों का कहना है कि पीएम नरेन्द्र मोदी से संसद भवन का उद्घाटन कराने का निर्णय लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है। आपको बता दें कि नए संसद भवन का उद्धाटन 28 मई को पीएम मोदी करेंगे।