
लखनऊ. अफसरों की लालफीताशाही के कारण केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना अभी तक उत्तर प्रदेश में लागू नहीं हो सकी है। देश के सभी राज्यों में कंडीशनल मैटरनिटी बेनिफिट कार्यक्रम को 1 जनवरी 2017 से लागू करने का निर्णय लिया गया था लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार को योजना से जुडी गाइडलाइन सितम्बर महीने में प्राप्त हुई है। अभी भी योजना के लागू होने में एक से दो माह का समय लग सकता है।
सिफ्सा को जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश में इस योजना को क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी राज्य परिवार नियोजन सेवा अभिनवीकारण परियोजना एजेंसी सिफ्सा को दी गई है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशन में योजना क्रियान्वित होगी।
जननी सुरक्षा योजना के तहत भी मिलेगी मदद
इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश में एक जनवरी 2017 के बाद पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं को 5000 रुपये की आर्थिक मदद दी जायेगी। यह मदद जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली मदद से अलग होगी। गर्भावस्था के पंजीकरण के समय एक हज़ार रुपये दिया जायेगा। गर्भावस्था के छह महीने बाद दो हज़ार रुपये और प्रसव के बाद दो हज़ार रुपये दिये जायेंगे।
पोषक तत्वों की उपलब्धता कराना है मकसद
यह योजना गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को पोषण तत्वों की उपलब्धता कराने के मकसद से शुरू की गई है। नवजात शिशु में पोषण की कमी माँ के गर्भ से ही शुरू होती है। सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं परिवार के पालन पोषण के लिये गर्भावस्था के अंतिम दिनों तक काम करती हैं। गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के बाद महिला का शरीर कमजोर होता है। इस योजना का मकसद ऐसी महिलाओं को आर्थिक मदद पहचाना है जिससे वे गर्भवस्था में खान पान सम्बन्धी जरूरतों को पूरा कर सकें। नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक ने बताया कि आगामी एक महीने में यह योजना उत्तर प्रदेश में शुरू हो जायेगी।
Published on:
08 Oct 2017 11:12 am
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