अधर में लटकी बाइक टैक्सी परियोजना को आखिरकार मंजूरी मिल ही गई।
लखनऊ. अधर में लटकी बाइक टैक्सी परियोजना को आखिरकार मंजूरी मिल ही गई। सम्भागीय परिवहन प्राधिकरण के प्रस्ताव लखनऊ मंडलायुक्त ने 700 बाइक टैक्सी को मंजूरी दे दी है। आरटीए के सचिव के प्रस्ताव पर मंडलायुक्त अनिल गर्ग ने शनिवार को मंजूरी दी है। राजधानी लखनऊ में ओला 500 व उबर 200 बाइक टैक्सी यानि बैक्सी संचालित करेंगी। सोमवार से आरटीओ कार्यालय से बाइक टैक्सी के परमिट जारी करने का काम शुरू हो जाएगा। आरटीए ने मोटर साइकिल को कैब की श्रेणी में मानते हुए बैक्सी का संचालन एसटीए की शर्तों पर कराने का निर्णय किया है। नोएडा और गाजियाबाद में बैक्सी का संचालन पहले से ही हो रहा है।
आरटीए ने खारिज कर दिया था प्रस्ताव
पिछले दिनों आरटीए ने बैक्सी के प्रपोजल को खारिज कर दिया था। इस बीच इन्वेस्टरर्स समिट से पूर्व बैक्सी संचालन की योजना पर औद्योगिक विकास आयुक्त ने परिवहन अफसरों को शासन की मंशा से अवगत कराया और परमिट जारी करने की सलाह दी। इसके बाद परिवहन विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए प्रस्ताव तैयार किया और कमिश्नर ने उसे मंजूरी भी दे दी।
ऐप से मिलेगी सुविधा
बैक्सी की सेवा लेने वालों को ओला व उबर ऐप के माध्यम से बुकिंग करनी पड़ेगी। ऐप से मिलने वाली बैक्सी का किराया भी तय हो गया है। पहले किमी के लिए 8.70 रुपए और इसके बाद प्रत्येक किलोमीटर के लिए 8.20 रुपए का भुगतान करना होगा। यह किराया ओला व उबर की माइक्रो व मिनी कैब के किराए के बराबर ही है। बैक्सी के रजिस्ट्रेशन के लिए बाइक अधिकतम दो वर्ष से पुरानी होनी चाहिए। नीले रंग की बाइक में दो इंच चौड़ी पीली पट्टी पड़ी होनी चाहिए। बैक्सी का संचालन लखनऊ सम्भाग में ही किया जा सकेगा। इसके लिए 600 रुपए वार्षिक टैक्स व 300 रुपए पंजीकरण शुल्क देना पड़ेगा।
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