
सुरेश रैना, अनुराग कश्यप से लेकर नवाजुद्दीन तक से छिनेगी पेंशन, योगी सरकार का बड़ा फैसला
लखनऊ. योगी आदित्यनाथ सरकार के एक फैसले के बाद अब क्रिकेटर सुरेश रैना, आरपी सिंह और फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप, अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी और नसीरुद्दीन शाह को पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार ने मासिक पेंशन नियमावली-2015 को संशोधित कर नई नियमावली जारी की है। इसके तहत सरकार पेंशन का लाभ उन्हीं को देगी, जिनका निवास के साथ कर्मक्षेत्र भी उत्तर प्रदेश हो। साथ ही वे आयकर के दायरे में न आते हों। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार अभी तक यश भारती व पद्म सम्मान पाने वालों को प्रतिमाह 50 हजार रुपये पेंशन देती थी।
यूपी सरकार ने यश भारती व पद्म सम्मान पाने वालों को मिलने वाली पेंशन से संबंधित पू्र्ववर्ती सरकार में बनी नियमावली में संशोधन करते हुए मासिक पेंशन नियमावली-2018 जारी कर दी। इसके तहत प्रतिमाह पेंशन के तहत मिलने वाली 50 हजार की राशि को घटाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। साथ ही पेंशनर्स के लिये अन्य गाइडलाइन्स भी जारी की हैं। नये नियम के मुताबिक, यश भारती से सम्मानित सरकारी सेवकों, सरकार के पेंशनरों और आयकरदाताओं को इस पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा।
इनकी छिन जाएगी पेंशन
क्रिकेटर सुरेश रैना विज्ञापन और आईपीएल से तमाम पैसे कमाते हैं। वह भारतीय टीम का हिस्सा भी हैं। आयकर भी भरते हैं। नये नियम के मुताबिक, इस बार से उनकी पेंशन बंद हो जाएगी। रैना के अलावा अनुराग कश्यप, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और नसीरुद्दीन शाह भी इनकम टैक्स के दायरे में आते हैं। ऐसे में उन्हें पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। बायें हाथ के तेज गेंदबाज आरपी सिंह भले ही टीम का हिस्सा नहीं हैं। आईपीएल भी वह नहीं खेलते हैं, लेकिन अब वह गुजरात टीम का हिस्सा हैं। ऐसे में सरकार के नये नियम के मुताबिक, वह भी पेंशन के हकदार नहीं हैं।
अखिलेश ने जारी की थी मासिक पेंशन नियमावली-2015
सरकार तो पहले यश भारती सम्मान को ही बंद करना चाहती थी, लेकिन पार्टी में विरोध के चलते योगी सरकार ने पेंशन नियमावली में संशोधन करते हुए पेंशन में मिलने वाली राशि की रकम आधी कर दी। गौरतलब है कि पूर्ववर्ती अखिलेश यादव की सरकार ने यश भारती व पद्म सम्मान से सम्मानित लोगों के लिए मासिक पेंशन नियमावली-2015 जारी की थी। इसके तहत यश भारती सम्मान से सम्मानित लोगों को 50 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाती थी।
इन्हें नहीं मिलेगी पेंशन
- जिन्हें सरकारी पेंशन मिलती है
- जो सरकारी सेवा में कार्यरत हैं
- जो आयकर देते हैं
- आवेदकों की जन्मभूमि उत्तर प्रदेश होनी चाहिए
- आवेदकों की कर्मभूमि भी उत्तर प्रदेश होनी चाहिए
पेंशन लेने के लिये क्या करना होगा
- यश भारती सम्मान या पद्म सम्मान से सम्मानित हों
- आवेदकों को 31 जुलाई 2018 से पहले निर्धारित प्रारूप पर आवेदन करना होगा
- वित्तीय वर्ष के प्रारंभ में जीवित होने का प्रमाण पत्र देना होगा
Updated on:
23 Jul 2018 05:12 pm
Published on:
23 Jul 2018 03:10 pm
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