
पद्मा-परिवर्तिनी एकादशी की शाम को विष्णु मंदिर में जपे यह मंत्र और फिर देखें चमत्कार
लखनऊ , एकादशी को कुछ ऐसे कार्य होते हैं जिनको नहीं करना चाहिए। पंडित पवन शास्त्री ने बतायाकि कार्य महीने में दो बार एकादशी आती हैं हर एक एकादशी का अपना एक अलग ही महत्त्व होता हैं उसी के अनुसार पूजा पाठ। अगर कोई व्यक्ति एकादशी का व्रत नहीं कर पा रहा हैं तो उसी उस दिन कुछ नियमों का पालन करना चाहिए। आज पद्मा-परिवर्तिनी एकादशीका व्रत हैं यानी की भगवान अपनी स्थिति में थोड़ा परिवर्तन करेंगे। जिसका असर आम जीवन पर पड़ेगा। आज शाम को विष्णु मंदिर में जाकर कर नीचे लिखे मंत्रो का जप करें। आपको बदलाव खुद महसूस होगा।
दिन - सोमवार
विक्रम संवत - 2076 (गुजरात. 2075)
शक संवत -1941
अयन - दक्षिणायन
ऋतु - शरद
मास - भाद्रपद
पक्ष - शुक्ल
तिथि - एकादशी रात्रि 12:31 तक तत्पश्चात द्वादशी
नक्षत्र - पूर्वाषाढा सुबह 08:37 तक तत्पश्चात उत्तराषाढा
योग - सौभाग्य शाम 05:08 तक तत्पश्चात शोभन
राहुकाल - सुबह 07:47 से सुबह 09:20 तक
सूर्योदय - 06:24
सूर्यास्त - 18:48
दिशाशूल - पूर्व दिशा में
व्रत पर्व विवरण - पद्मा-परिवर्तनी एकादशी
पद्मा-परिवर्तनी एकादशी विशेष
पंडित पवन शास्त्री ने बतायाकि हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है। राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।। उन्होंने बतायाकि आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।
एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है। एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।
जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।
Published on:
09 Sept 2019 12:51 pm
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