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जानिए क्या है गेस्ट हाउस कांड जिसका जिक्र कर पीएम मोदी ने साधा अखिलेश-मायावती पर निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार लखनऊ में हुए गेस्ट हाउस कांड का जिक्र कर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

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लखनऊ

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Abhishek Gupta

Jan 09, 2019

Akhilesh Modi Mayawati

Akhilesh Modi Mayawati

लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार 1995 के लखनऊ में हुए गेस्ट हाउस कांड का जिक्र कर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के एक साथ आने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ के लिए लखनऊ का गेस्ट हाउस कांड भी भूल गए हैं।

पीएम ने कहा यह-

प्रधानमंत्री ने आगरा में कहा कि जो एक दूसरे का मुंह नहीं देखना चाहते थे वे आज एक साथ आ गए हैं। राजनीतिक स्वार्थ के लिए लखनऊ के गेस्ट हाउस का वो शर्मनाक कांड भी भुला दिया गया है। मुजफ्फरनगर से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में क्या-क्या हुआ सब भुलाने की कोशिश की जा रही है। चौकीदार को हटाने के अभियान के चलते हर एक टुकड़े और तिनके को जोड़ा जा रहा है।

पीएम मोदी का यह बयान उस वक्त आया है जब दोनों पार्टियों में गठबंधन मजबूत स्थिति में है। यहां तक 2019 चुनाव के लिए सीटों पर भी चर्चा चरम पर है। बीते वर्ष भी सपा-बसपा के एक साथ आने की चर्चा भर से ही भाजपा में हड़कंप मच गया था और कई दिग्गजों ने गेस्ट हाउस कांड का जिक्र कर दोनों पार्टियों को अलग करने की कोशिश की थी, वहीं अब पीएम मोदी ने ऐसा बयान देकर दोबारा मायावती के जख्मों को कुरेदने की कोशिश की है।

क्या था गेस्ट हाउस कांड-

2 जून 1995 को उत्तर प्रदेश की राजनीति में जो हुआ वह शायद ही कहीं हुआ होगा। मायावती उस वक्त को जिंदगी भर नहीं भूल सकतीं। उस दिन को प्रदेश की राजनीति का 'काला दिन' कहें तो कुछ भी गलत नहीं होगा। दरअसल, 1993 में हुए चुनाव में एक अब शायद ही कभी होने वाला गठबंधन हुआ था, सपा और बसपा के बीच। चुनाव में इस गठबंधन की जीत हुई और मुलायम सिंह यादव प्रदेश के मुखिया बने। लेकिन, आपसी मनमुटाव के चलते 2 जून, 1995 को बसपा ने सरकार से किनारा कस लिया और समर्थन वापसी की घोषणा कर दी। इस वजह से मुलायम सिंह की सरकार अल्पमत में आ गई।

कमरा नंबर-1 में ठहरी हुई थीं मायावती-

सरकार को बचाने के लिए जोड़-घटाव किए जाने लगे। ऐसे में अंत में जब बात नहीं बनी तो नाराज सपा के कार्यकर्ता और विधायक लखनऊ के मीराबाई मार्ग स्थित स्टेट गेस्ट हाउस पहुंच गए, जहां मायावती कमरा नंबर-1 में ठहरी हुई थीं। बताया जाता है कि जब कुछ गुंडों ने बसपा सुप्रीमो को कमरे में बंद करके मारा और उनके कपड़े फाड़ दिए, जाने वो क्या करने वाले थे कि तभी अपनी जान पर खेलकर उन गुंडों से अकेले भिड़ने वाले बीजेपी विधायक ब्रम्हदत्त द्विवेदी ने जिनके ऊपर जानलेवा हमला हुआ फिर भी वो गेस्टहाउस का दरवाजा तोड़कर मायावती जी को सकुशल बचा कर बाहर निकाल लाये थे।

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