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निर्दयी बाप ने चार बेटियों को चलती ट्रेन से फेंका, पुलिस के सामने बताई ये चौकाने वाली वज़ह

एक बेटी की हो गई थी दर्दनाक मौत, वारदात को अंजाम देने के बाद ढाई महीने बाद पकड़ा गया पिता।

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लखनऊ

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Dhirendra Singh

Jan 16, 2018

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लखनऊ. यूपी के सीतापुर जिले में बीते साल अक्टूबर में चलती ट्रेन से चार बच्चियों को फेंकने की दिल दहलाने वाली घटना खुलासा हो गया है। चार बहनें ट्रेन की पटरियों के किनारे कई किलोमीटर की दूरी पर गंभीर रुप से घायल अवस्था में पाई गई थी। इनमें से एक की मौत हो गई थी। लखनऊ जीआरपी ने इस वारदात को अंजाम देने वाले बच्चियों के पिता को गिरफ्तार किया है। जो कि पिछले ढाई महीने से पुलिस को चकमा देकर भाग रहा था।

शराब के नशे में बच्चियों को चलती ट्रेन से फेंका
आईजी जीआरपी के मुताबिक आरोपी पिता इंद्दू अंसारी मोतिहारी, बिहार का रहने वाला है। जो कि गत 23 अक्टूबर को अपनी पत्नी और बच्चों को लेकर कामाख्या कटरा एक्सप्रेस से जम्मू जा रहा था। जहां वह राज मिस्त्री का काम करता था। इसी दौरान सीतापुर के पास उसने शराब के नशे में अपनी ही बच्चियों को ट्रेन से नीचे फेंकने की अमानवीय घटना को अंजाम दिया था।
घटना की रात इंद्दू अंसारी पत्नी अफरीना खातून, बेटी सलीना खातून, मुन्नी खातून, रब्या खातून, हसीना खातून, अलबून खातून और बेटे लईम असांरी कामाख्या कटरा एक्सप्रेस में एक साथ सवार हुए थे। आरोपी इंद्दू अंसारी ने अपनी बेटियों अलबून खातून, मुन्नी खातून, रब्या खातून व सलीना खातून को ट्रेन से नीचे फेंक दिया। इन सभी को सीतापुर को अलग-अलग थाना क्षेत्रों में रेलवे ट्रैक के किनारे गंभीर रुप से घायल अवस्था में पाया गया। इसमे से एक मुन्नी खातून को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था।

बच्चियों की मां को दो दिन बाद बताई पूरी कहानी
आरोपी इंद्दू अंसारी ने बताया कि ट्रेन में सफर के लिए उसने शराब की दो बोतल रखी थी। घटना वाली रात ट्रेन में परिवार के साथ चढ़ते ही उसने बच्चों व पत्नी को खाना खिलाया। इसके बाद खुद बाथरूम में चल गया। वहां उसने एक बोतल शराब पी। वापस फिर सीट के पास पहुंच गया। आरोपी के मुताबिक वह इस बीच इतने नशे में था कि एक-एक कर बच्चियों को ट्रेन से नीचे फेंक दिया। सुबह जब बच्चियों के गायब होने पर उनकी मां अफरीना ने उन्हें तलाशना शुरु किया, तो आरोपी उसे बहला कर जम्मू में किराए के मकान तक ले गया। दो दिन बाद जब अफरीना का रोना कम नहीं हुआ, तो उसने बता दिया कि नशे में बच्चियों को चलती ट्रेन से फेंक दिया। इसके बाद आफरीना पति को छोड़कर बेटी हसीना के साथ बिहार स्थित अपनी ससुराल आ गई। जब पुलिस को आफरीना बारे में पता चला तो उसके मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए गए। इसमें आफरीना ने पति इंद्दू अंसारी पर बच्चियों को ट्रेन से फेंकने का आरोप लगाया।

ढाई महीने तक रहा फरार
इंद्दू अंसारी के खिलाफ ठोस सबूत मिलने के बाद यूपी, बिहार और जम्मू की पुलिस मिलकर उसकी तलाश में जुटी हुई थी। इधर जीआरपी में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज था। पत्नी के जम्मू से जाने के बाद उसने दो दिन तक वहीं काम किया। इसके बाद पकड़े जाने के डर से फरार हो गया। इस दौरान वह जम्मू कश्मीर, नेपाल और बिहार को ठिकानों पर छिपता फिर रहा था। उसने बचने के लिए अपने फोन का इस्तेमाल भी बंद कर दिया था। 16 जनवरी को सर्विलांस की मदद से लखनऊ जीआरपी को पता चला कि अंसारी बिहार से दिल्ली जाने की फिराक में है। वह बिहार से लखनऊ पहुंच चुका था और चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर दिल्ली जाने वाली ट्रेन के इंतजार में था, जहां से उसे जीआरपी ने धर दबोचा।