4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने यूपीपीसीएल चेयरमैन पर लगाया लापरवाही का आरोप, उपभोक्ताओं को समय से नहीं मिल रहा सही बिजली बिल

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा (Shrikant Sharma) के लगातार बिजली उफकेंद्रों के औचक निरीक्षण करने और बिजली बिल को लेकर उफभोक्ताओं की शिकायतों के समय पर निस्तारण करने के बावजूद बिजली विभाग सुधरने का नाम नहीं ले रहा।

less than 1 minute read
Google source verification
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने यूपीपीसीएल चेयरमैन पर लगाया लापरवाही का आरोप, उपभोक्ताओं को समय से नहीं मिल रहा सही बिजली बिल

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने यूपीपीसीएल चेयरमैन पर लगाया लापरवाही का आरोप, उपभोक्ताओं को समय से नहीं मिल रहा सही बिजली बिल

लखनऊ. ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा (Shrikant Sharma) के लगातार बिजली उफकेंद्रों के औचक निरीक्षण करने और बिजली बिल को लेकर उफभोक्ताओं की शिकायतों के समय पर निस्तारण करने के बावजूद बिजली विभाग सुधरने का नाम नहीं ले रहा। जिसके चलते उत्तर प्रदेश में आज तक बिजली उपभोक्ताओ को निर्धारित समय पर सही बिजली बिन न मिलने की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही है। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने ट्वीट कर यूपीपीसीएल चेयरमैन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई है।

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने अपने ट्वीट में लिखा 'उपभोक्ताओं को सही बिल समय पर मिले,यह @UppclChairman की जिम्मेदारी है। जुलाई 2018 में बिलिंग एजेंसियों से हुए करार के मुताबिक 8 माह में शहरी व 12 माह में ग्रामीण क्षेत्रों में 97% डाउनलोडेबल बिलिंग होनी थी, लेकिन आज भी 10.64% ही है. यह घोर लापरवाही है।"

लगातार आ रही शिकायतें

दरअसल, बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बिजली विभाग की समीक्षा बैठक की थी। जिसमें उन्होंने सही समय पर सही बिल न मिलने की लगातार आ रही शिकायतों पर नाराजगी जताई थी और उपभोक्ताओं की समस्याओं का तत्काल समाधान किये जाने के साथ बिजली के बकाया बिल की वसूली कर विभागीय कार्यों में भी सुधार के निर्देश दिये थे। इसके बाद से उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने औचक निरीक्षण कर राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों के उपकेंद्रों पर सही समय पर सही बिल भेजने का निर्देश दिया। लेकिन इसके बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। लगातार सही समय पर सही बिजली बिल न देने की शिकायतें आ रही हैं। जबकि, शासन या प्रबंधन स्तर से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये बैठक कर अधिकारियों को पहले ही उपकेंद्रों पर जाकर समीक्षा करने के निर्देश दिये गए हैं।

ये भी पढ़ें:हाईकोर्ट के फैसले के बाद योगी सरकार की कार्रवाई, सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को पद से हटाया