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सुरक्षित जननी – विकसित धरनी मातृ वंदना सप्ताह एक सितम्बर से

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से जुड़ीं शिकायतों के निस्तारण व पंजीकरण पर रहेगा जोर

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Aug 27, 2021

सुरक्षित जननी - विकसित धरनी मातृ वंदना सप्ताह एक सितम्बर से

सुरक्षित जननी - विकसित धरनी मातृ वंदना सप्ताह एक सितम्बर से

लखनऊ, पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य देखभाल व उचित पोषण प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) चलायी जा रही है। इसके तहत तीन किश्तों में पांच हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं । जिले में योजना के शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के उद्द्देश्य से एक सितम्बर से सात सितम्बर तक “सुरक्षित जननी - विकसित धरनी –मातृ वंदना सप्ताह” मनाया जायेगा । इस सप्ताह को आयोजित करने का उद्देश्य अधिक से अधिक गर्भवती को इस योजना के तहत पंजीकृत करना है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मनोज अग्रवाल ने दी।
पीएमएमवीवाई के नोडल अधिकारी और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आर.वी सिंह ने बताया- इस सप्ताह के दौरान अधिक से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया जायेगा। दूसरी और तीसरी किश्त को लेकर फॉर्म भरने में जो त्रुटियाँ हैं उनका निराकरण किया जाएगा । मेडिकल ऑफिसर द्वारा अप्रूव्ड फॉर्म का रूटीन में निस्तारण किया जायेगा।

पीएमएमवीवाई के जिला कार्यक्रम समन्वयक सुधीर वर्मा ने बताया- इस योजना का आवेदन फॉर्म भरने के लिए आशा या एएनएम् से मदद ली जा सकती है या घर बैठे www.pmmvy.case.nic.in पर लॉग इन कर स्वयं आवेदन किया जा सकता है । लाभार्थी को कोई दिक्कत आ रही है या उसे सहायता की जरूरत है तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के पी.एम.एम.वी.वाई सेल ( द्वितीय तल) या नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या पीएमएमवीवाई के जिला समन्वयक सुधीर वर्मा से उनके मोबाइल न. 6394458720 या स्टेट हेल्पलाइन नम्बर 7998799804 पर भी संपर्क कर सकती हैं ।

योजना के तहत तीन किश्तों में मिलते हैं 5000 रूपये

केंद्र सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना एक जनवरी 2017 में शुरू की गयी । इस योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने पर पोषण के लिए पांच हजार रुपये तीन किश्तों में गर्भवती के खाते में दिए जाते हैं। पहली किश्त 1,000 रुपये की गर्भधारण के 150 दिनों के अंदर पंजीकरण कराने पर दूसरी किश्त में 2,000 रुपये 180 दिनों के अन्दर व 2,000 रूपये की तीसरी किश्त प्रसव पश्चात तथा शिशु के प्रथम टीकाकरण चक्र के पूरा होने पर मिलते हैं।