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यूपी कांग्रेस के इन नेताओं को मिला अहम जिम्मेदारी

यूपी कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, सलमान खुर्शीद व ललितेशपति त्रिपाठी को कांग्रेस में अहम जिम्मेदारी मिली है।

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यूपी कांग्रेस के इन नेताओं को मिला अहम जिम्मेदारी

लखनऊ. यूपी कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, सलमान खुर्शीद व ललितेशपति त्रिपाठी को कांग्रेस में अहम जिम्मेदारी मिली है। दरअसल 2019 लोकसभा चुनाव के लिए गठित कांग्रेस की मेनिफेस्टो (घोषणापत्र) कमेटी में पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद व एआईसीसी सदस्य ललितेश त्रिपाठी और प्रचार कमेटी में पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी को रखा गया है। वहीं कोर ग्रुप कमेटी में यूपी के किसी भी नेता को स्थान नहीं मिल सका है। हालांकि कोर ग्रुप कमेटी में यूपी से किसी भी नेता को स्थान न मिलने से कई सवाल उठ रहे हैं। इससे संकेत साफ लग रहा है कि कांग्रेस यहां काम सीटों पर चुनाव लड़ेगी।


कांग्रेस ने शुरू की तैयारी

यूपी में महागठबंधन की राह अभी इतनी आसान नहीं दिख रही। ऐसे में कांग्रेस ने अगले लोकसभा चुनाव के लिए तैयारी शुरू कर दी है। पिछले दिनों अखिलेश यादव ने सपा व बसपा ने गठबंधन की बात कबूली थी लेकिन कांग्रेस को इसमें शामिल करने पर अभी तक चुप्पी साधी है। ऐसे में गठबन्धन की प्रतीक्षा में हाथ पर हाथ धरे बैठे रहने के बजाये कांग्रेस ने जिन दो दर्जन ऐसी सीटों को चिन्हित कर लिया इनमें अधिकांश लोकसभा सीटें पार्टी के दिग्गज नेताओं से जुड़ी रही हैं। पहले सांसद रह चुके दिग्गजों की सीट हैं।कांग्रेस रायबरेली व अमेठी के अलावा पडरौना, कानपुर, उन्नाव, सहारनपुर, इलाहाबाद, बाराबंकी, धौरहरा, फैजाबाद समेत ढाई दर्जन सीटों पर चुनावी नतीजे पक्ष में करने के लिए पार्टी ने सारा ध्यान केंद्रित कर दिया है। इसी के साथ पार्टी नेतृत्व ने नेताओं से गठबन्धन को लेकर किसी तरह की बयानबाजी से दूर रहने की भी हिदायत दी है।


कांग्रेस के पास थे दो विकल्प

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस बीजेपी को हराने के लिए सपा-बसपा-आरलएडी के महागठबंधन में शामिल होना चाहती है लेकिन पेंच सीटों पर फंस रहा है।पार्टी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि अब दो विकल्प बचे थे। या तो किसी तरह बीच का रास्ता निकालकर कांग्रेस सपा-बसपा गठबंधन में शामिल हो जाए। या फिर उन सभी सीटों पर पार्टी अपने कैंडिडेट उतारे जिन पर वे मजबूती से बीजेपी को चुनौती दे सकती है। सूत्रों की मानें तो अगर गठबंधन नहीं होता तो कांग्रेस 25 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। वे इसे यूपी में 'मिशन 25' के तौर पर प्लान कर सकती है। जिन सीटों पर सपा-बसपा काफी मजबूत होंगे वहां कांग्रेस अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी।