
शराब, बीयर, भांग और मॉडल शॉप की दुकानों की वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए वार्षिक लाइसेंस फीस 10% बढ़ा दी गई है। देसी शराब की लाइसेंस फीस 254 रुपए प्रति लीटर और ड्यूटी 30 रुपए से बढ़ाकर 32 रुपए प्रति लीटर तय कर दी गई है। देसी शराब के पाउच में पांच रुपये गुणांक में अधिकतम खुदरा मूल्य यानी MRP तय होगी।
पुलिस नहीं सील कर पाएगी शराब की दुकान
अब पुलिस शराब की दुकान सील नहीं कर पाएगी। शराब, बीयमर या भांग की फुटकर दुकान या थोक कारोबार का संचालन बगैर SDM के अनुमति के बंद नहीं किया जा सकेगा। पुलिस य अन्य एजेंसी सील भी नहीं कर सकती है।
निरीक्षण से पहले डीएम से लेनी होगी अनुमति
आबकारी विभाग के अधिकारी या लाइसेंस जारी करने वाले प्राधिकारी यानी जिलाधिकारी द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को छोड़ अन्य किसी अधिकारी द्वारा लाइसेंसी परिसर का निरीक्षण बिना जिलाधिकारी की अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। आबकारी विभाग के अधिकारी और लाइसेंस जारी करने वाले जिलाधिकारी द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को छोड़कर अन्य एजेंसियों व अफसरों द्वारा शराब, बीयर व भांग की दुकानों के निरीक्षण की अनिवार्य रूप से वीडियोग्राफी करवाई जाएगी।
फुटकर दुकानों में बैठ कर पी सकेंगे बीयर
राज्य की बीयर की फुटकर की दुकानों में अगर 100 वर्गमीटर अलग से जगह है, तो 5000 रुपये का शुल्क अदा कर लाइसेंसी वहां लोगों को बीयर पिलाने का भी इंतजाम कर सकेगा। इसके लिए जिलाधिकारी के अनुमोदन के लिए जिला आबकारी अधिकारी द्वारा अनुमति दी जाएगी।
देसी शराब की चार श्रेणियां तय की गई हैं
देसी शराब की चार श्रेणियां तय की गई हैं। शीरे से बनने वाली 36 प्रतिशत तीव्रता वाली 200 मिली की शराब कांच, पेट की बोतलों व टेट्रापैक में, शीरा से बनी 25 प्रतिशत तीव्रता वाली 200 मिली की कांच, पेट की बोतलों व टेट्रा पैक में बिकेगी। अनाज सड़ाकर बनाई जाने वाली देसी शराब 42.8 प्रतिशत तीव्रता की 200 मिली और 36 प्रतिशत तीव्रता वाली शराब कांच, पेट व एसेप्टिक ब्रिक पैक यानि टेट्रा पैक में बिकेगी।
Updated on:
20 Dec 2023 12:06 pm
Published on:
20 Dec 2023 12:04 pm
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