लखनऊ. रक्षाबंधन की तैयारियों को लेकर घरों से लेकर बाजार तक रौशन हो गए है। ये पर्व हर भाई-बहन के लिए काफी खास होता है। आज के दिन हर बहन अपने भाई की मंगल कामना करते हुए उसकी कलाई पर राखी बांधती है और भाई बदले में अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है। रक्षाबंधन पर्व का जितना भावनात्मक महत्व है उतना ही धार्मिक महत्व भी है। बड़े बुजुर्गों का कहना है कि राखी सही समय पर और अनुकूल नक्षत्रों के बीच में बांधनी चाहिए। जिससे इस पार्व का धार्मिक लाभ भी भाई बहन को मिल सके। ऐसी मान्यता है। कि अनुकूल समय पर राखी बांधने से भाई बहन का रिस्ता मजबूत होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम ने लखनऊ के पंडित राम चन्द्र जी से बात-चीत की और राखी बांधने के उचित समय व नक्षत्रों का जानकारी ली। बातचीत में पंडित जी ने बताया कि इस बार रक्षा बंधन का पर्व सूर्योदय के साथ शुरू हो जाएगा। जिसके चलते इस बार रक्षाबंधन में दोपहर तक राखी बांधने का योग है। नक्षत्रों को बारे में बताते हुए पंडित जी ने बताया कि इस बार के रक्षा बंधन में सूर्य एवं चंद्रमा पर ग्रहण योग का साया है जिसके चलते