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इस खास समय के बीच बांधे भाई की कलाई पर राखी होगा लाभ

बातचीत में पंडित जी ने बताया कि  इस बार रक्षा बंधन का पर्व सूर्योदय के साथ शुरू हो जाएगा।  जिसके चलते इस बार रक्षाबंधन में...

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Prashant Mishra

Aug 16, 2016

rakshabandhan

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लखनऊ. रक्षाबंधन की तैयारियों को लेकर घरों से लेकर बाजार तक रौशन हो गए है। ये पर्व हर भाई-बहन के लिए काफी खास होता है। आज के दिन हर बहन अपने भाई की मंगल कामना करते हुए उसकी कलाई पर राखी बांधती है और भाई बदले में अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है। रक्षाबंधन पर्व का जितना भावनात्मक महत्व है उतना ही धार्मिक महत्व भी है। बड़े बुजुर्गों का कहना है कि राखी सही समय पर और अनुकूल नक्षत्रों के बीच में बांधनी चाहिए। जिससे इस पार्व का धार्मिक लाभ भी भाई बहन को मिल सके। ऐसी मान्यता है। कि अनुकूल समय पर राखी बांधने से भाई बहन का रिस्ता मजबूत होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम ने लखनऊ के पंडित राम चन्द्र जी से बात-चीत की और राखी बांधने के उचित समय व नक्षत्रों का जानकारी ली। बातचीत में पंडित जी ने बताया कि इस बार रक्षा बंधन का पर्व सूर्योदय के साथ शुरू हो जाएगा। जिसके चलते इस बार रक्षाबंधन में दोपहर तक राखी बांधने का योग है। नक्षत्रों को बारे में बताते हुए पंडित जी ने बताया कि इस बार के रक्षा बंधन में सूर्य एवं चंद्रमा पर ग्रहण योग का साया है जिसके चलते
18 अगस्त की
दोपहर 2 बजकर 55 मिनट तक ही राखी बांधना शुभ होगा। और इस समय में राखी बांधने से बाईबहन दोनों का मंगल होगा।



18 अगस्त को धूमधाम से मनाए रक्षाबंधन

रक्षा बंधन का पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस वर्ष 17 अगस्त को दोपहर 3 बजकर 42 मिनट से पूर्णिमा की तिथि आरंभ हो रही है जिसके चलते
17 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाना चाहिए
लेकिन इस दिन दोपहर तीन बजकर 42 मिनट से मध्यरात्रि 3 बजकर 28 मिनट तक भद्रा रहने के कारण रक्षाबंधन का पर्व 18 अगस्त को मनाया जाएगा। जिसके चलते आप
18 अगस्त की दोपहर दो बज के 55 मिनट तक रक्षाबंधन मना सकते हैं जो आप के लिए शुभ होगा।



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