राजस्व परिषद में ड्राफ्टमैन के पद पर कार्यरत अतुल्य देव शर्मा ने बताया कि उन्हें 33 वर्षों से विभागीय व्यक्तियों द्वारा परेशान किया जा रहा है। 1982 में स्थाई किया जाना था, परन्तु अधिष्ठान व कर्मचारियों द्वारा नहीं किया गया। शर्मा ने कहा कि 1984 से लेकर 2005 तक प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं हुयी। उन्होंने बताया कि 2005 में शासन व राजस्व परिषद को आत्मदाह की नोटिस दिए जाने के बाद, परिषद द्वारा एफआईआर दर्ज कराकर उन्हें आलमबाग थाने में बंद करा दिया कया।