25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महाकुंभ के लिए 2 हजार करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट, तैयारियों को लेकर जुटी सरकार

महाकुंभ 2025 के लिए सभी विभागों और एजेंसियों को समन्वय बनाकर युद्धस्तर पर कार्य करने का निर्देश, 45 दिन तक चलने वाले इस महापर्व में 6 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का है अनुमान।

3 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Oct 18, 2023

13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा महाकुंभ 2025

13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा महाकुंभ 2025

12 सालों में एक बार लगने वाले आस्था के पर्व महाकुंभ 2025 को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। योगी सरकार प्रयागराज स्थित पवित्र संगम स्थल पर 2025 में होने जा रहे महाकुम्भ को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप महाकुंभ 2025 से संबंधित कार्यों को अभी से युद्धस्तर पर पूर्ण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


इस भव्य आयोजन को पूर्ण करने के लिए सड़क, पुल, बिजली, मेला क्षेत्र के विस्तारीकरण और व्यवस्थापन से जुड़े 02 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स धरातल पर आ चुके हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा करने पर फोकस किया जा रहा है। वहीं, 3738 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न विभागों द्वारा अब तक अनुमोदित 260 परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।


13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा महाकुंभ 2025
इस बार महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी तक यानी 45 दिन चलेगा। इस दौरान मेला में 06 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। 40 लाख श्रद्धालु शाही स्नानों में आ सकते हैं, वहीं 40 लाख कल्पवासी हो सकते हैं। ऐसे में, योगी सरकार लाखों-करोड़ों आगंतुकों के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए अभी से तैयारी शुरू कर चुकी है। महाकुंभ मेले में स्वच्छता को लक्षित करते हुए स्वच्छाग्रहियों की पर्याप्त उपलब्धता कराई जाएगी।

बाकायदा डिजिटल म्यूजियम बनाए जाएंगे तथा आई ट्रिपल सी, आईटी और ड्रोन से मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए सुचारू व्यवस्था की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रहेगी। इन सभी कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई व शिथिलता न हो इस पर फोकस किया जा रहा है। योगी सरकार मेला क्षेत्र में रोप-वे, पीपा पुल, आरओबी, पुलों आदि के निर्माण कार्य को समय से पूरा किए जाने व वीआईपी के साथ सामान्य श्रद्धालुओं के ठहरने की भी पर्याप्त व्यवस्था किए जाने पर फोकस कर रही है। यही कारण है कि इन सभी उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को चिन्हित कर उसे समय से पूरा कराए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


महाकुंभ में न हो कोई कमी
नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने लगभग 3738 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न विभागों द्वारा अब तक अनुमोदित 260 परियोजनाओं की समीक्षा की। मंगलवार को समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को प्रगति कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करने मूलभूत सुविधाओं के साथ पेयजल, शौचालय, विद्युत आपूर्ति, पार्किंग आदि की सुचार व्यवस्था करने, सड़कों व चौराहा से अतिक्रमण हटाने के साथ इनका चौड़ीकरण और सुंदरीकरण के कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए।


4 हजार हेक्टेयर तक विस्तृत होगा मेला क्षेत्र
महाकुंभ 2025 के लिए नियुक्त मेला धिकारी विजय किरन आनन्द ने अब तक की गयी तैयारियों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महाकुंभ 2025 में पिछले कुम्भ के सापेक्ष अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। अतः मेला क्षेत्र को 04 हज़ार हेक्टेयर क्षेत्रफल में व 25 सेक्टरों में बसाया जाएगा तथा लगभग 1800 हेक्टेयर में पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। 13 किमी लम्बी 7 रिवर फ्रंट रोड, ग्रीन बेल्ट का विकास, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था तथा वेंडिंग जोन की व्यवस्था भी करायी जाएगी।


घाटों का विकास किया जाए, स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाए

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन से वित्त पोषित 7 घाटों में सरस्वती घाट, किला घाट, दशाश्वमेध घाट, नौका यान घाट, ज्ञान गंगा आश्रम घाट, महेवा घाट तथा रसूला घाट का भी विकास किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत चेंजिंग रूम, पेयजल, विद्युत, पार्किंग, गेट, साइनेज, बेंच, कूड़ादान, ग्रीन बेल्ट एवं शौचालयों आदि का निर्माण कराया जा रहा है। श्रद्धालुओं के आने जाने के लिए बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट का विस्तार व सुंदरीकरण कर और बेहतर बनाया जा रहा है। मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए 1000 शटल बसों के साथ इलेक्ट्रिक बसों की व्यवस्था की जाएगी।

बसों के संचालन के लिए 12 अस्थाई बस स्टैण्ड बनाए जायेंगे। नगर निगम द्वारा क्रियान्वित की जा रही परियोजनाओं के अन्तर्गत कचरे के शत प्रतिशत निस्तारण के लिए 200 मीट्रिक टन क्षमता के बायो सीएनजी प्लांट, 15 मीट्रिक टन क्षमता के बायो गैस प्लांट तथा 150 मीट्रिक टन क्षमता के एमआरएफ प्लांट की स्थापना की जाएगी। मेला क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित कराने हेतु मुख्य प्रवेश मार्ग पार्क, मंदिरों के मार्ग, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन एवं एयरपोर्ट से जोड़ने वाले मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था का कार्य भी कराया जायेगा। हरित ऊर्जा के दृष्टिगत 100 पार्कों में सोलर लाइट, सोलर पार्को की स्थापना और मेला क्षेत्रों में 4 स्थानों पर सौर ऊर्जा पेजयल कियोस्क की स्थापना की जा रही है।


4 हजार हेक्टेयर तक मेला क्षेत्र का होगा विस्तार
महाकुंभ 2025 की तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित की गई वर्चुअल बैठक में प्रयागराज के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा प्रयागराज रायबरेली मार्ग पर कराए जा रहे कार्यों, सेतु निगम द्वारा बनाए जा रहे विभिन्न सेतुओं, जिनमें खास तौर पर जीटी जवाहर पर प्रस्तावित एडिशनल फ्लावर तथा सूबेदारगंज फ्लावर तथा एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा प्रयागराज हवाई अड्डे के विस्तार से संबंधित कार्यों को समय से पूर्ण करने पर जोर दिया। इसी क्रम में अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने माघ मेले से पूर्व कुंभ मेला पुलिस अधिकारी तैनात करने का अनुरोध किया।