
जब इस नेता ने खुलेआम कहा- पार्टी में आपकी चलती नहीं थी, तो अखिलेश ने ऐसे दिया जोरदार जवाब
लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त खा चुकी समाजवादी पार्टी अब कोई भी ऐसा मौका नहीं छोडऩा चाहती, जिससे उसका वोट बैंक इधर-उधर चला जाए। पार्टी हर उस समाज को साधने की कोशिश में जुटी है, जो उसे नगर निगम चुनाव में जीत दिला सके। अखिलेश की अगुवाई वाली समाजवादी पार्टी ने प्रदेश की सात प्रतिशत कुर्मी जाति को ध्यान में रखते हुए पूर्व उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 142वीं जयंती समारोह पहली बार कुछ अलग अंदाज में मनाई। इस अवसर पर राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में सपा के कई पुराने दिग्गज नेता अखिलेश यादव के साथ मंच पर दिखे।
कुर्मी वोट बैंक पर अखिलेश की नजर
सियासी जानकारों कि अगर मानें यूपी में रहने वाली करीब सात प्रतिशत कुर्मी बिरादरी सपा को 2019 के लक्ष्य हासिल करने में अहम योगदान दे सकती है, इसलिए अखिलेश यादव ने अभी से अपनी सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। अखिलेश यादव के इस कदम को सपा की पुरानी रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव की तरह भी देखा जा रहा है। क्योंकि सपा अभी तक मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में यादव-मुस्लिम गठजोड़ में विश्वास रखती थी। सरदार पटेल के जन्म दिन कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मुख्य अतिथि रहे। अखिलेश के साथ मंच पर दिग्गज समाजवादी और मुलायम सिंह यादव के करीबी कुर्मी नेता बेनी प्रसाद वर्मा, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, राम पूजन पटेल, माता प्रसाद पांडे और पूर्व कैबिनेट मंत्री राम मूर्ति वर्मा समेत कुर्मी समाज के कई बड़े नेता मौजूद रहे।
हमारी सरकार की कोई मुकाबला नहीं
पटेल जयंती के मौके पर बोलते हुए सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि विरोधी ताकतें देश को तोड़ना चाहती हैं। सत्ता में आने के लिए विरोधियों ने सरदार पटेल के नाम पर खूब लोहा इकट्ठा किया, लेकिन आज तक उस लोहे का कोई हिसाब नहीं दिया गया। अखिलेश ने कहा कि ये सरकार अभी तक नोटबंदी का हिसाब नहीं दे पाई है तो लोहे का हिसाब कैसे देगी। बीजेपी ही नहीं अब हम लोग भी सरदार पटेल के नाम पर ऐसा काम करेंगे जो पूरा देश जानेगा। बीजेपी के लोगों ने कुदार और फावड़ा लेकर लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे की खूब खुदाई की, लेकिन खोद नहीं पाए और अब तो एयरफोर्स ने लड़ाकू विमान उतारकर दिखा दिया कि हमारे एक्स्प्रेस में कोई कमी नहीं है। किसानों के लिए सपा की लड़ाई जारी रहेगी। बीजेपी ने कर्ज माफी के नाम पर किसानों के साथ धोखा किया है। अब हमारे किसान कभी बीजेपी पर विश्वास नहीं करेंगे। अखिलेश यादव ने कहा कि अब दोबारा हमारी ही सरकार बनेगी और हम सभी को उनका खोया सम्मान दिलाएंगे। बीजेपी की सरकार वाले लोग हमारे काम का मुकाबला नहीं कर सकते।
अब सपा में सिर्फ अखिलेश की चलती है
पूर्व केंद्रीय मंत्री और सपा के राज्यसभा सांसद बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा कि हमारी पार्टी के युवाओं के पास बेहतरीन मौका है। इस बार चूकना नहीं है। हम सब को अखिलेश यादव के नेतृत्व में 2019 के लोकसभा चुनाव में अपने सपने को पूरा करना है। बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा कि इस बार विरोधियों को सबक सिखाना ही है। इस मौके पर पूर्व मंत्री राम पूजन पटेल ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इन लोगों ने हमें ठगा है। अब इन लोगों को सत्ता से हटाना है। इस बीच राम रूजन पटेल ने मंच पर कुछ ऐसा कह दिया जिसपर अखिलेश यादव भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। राम पूजन पटेल ने कहा कि अखिलेश जी से हमने पहले भी कहा था लेकिन उस समय उनकी चलती नहीं थी। इतना सुनते ही वहां मौजूद लोग हंसने लगे। राम पूजन पटेल ने कहा कि अब अखिलेश यादव ही सपा के सर्वे-सर्वा बन गए हैं। अब सपा में सिर्फ उनकी ही चलती है। अब बीजेपी वाले हरे राम - हरे कृष्ण के नाम पर जनता को बरगला नहीं सकते। राम पूजन पटेल के इस बयान ने दो मिनट के लिए मंच का माहौल रोमांचित कर दिया। वहीं इस मौके पर सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि अखिलेश यादव पटेल समाज के सच्चे हितैषी हैं। उन्होंने कहा कि सपा के मुखिया अब एक राष्ट्रीय नेता बनने जा रहे हैं।
हर समाज को साथ लाने की कोशिश
सपा नेताओं की अगर मानें तो सपा के इस कार्यक्रम में प्रदेश भर के कुर्मी बिरादरी के हजारों प्रतिनिधि शामिल हुए। पिछले महीने ही सपा के प्रदेश सम्मेलन में अखिलेश यादव ने प्रदेश की जिम्मेदारी नरेश उत्तर पटेल को सौंपी थी। नरेश उत्तम पटेल भी कुर्मी बिरादरी से ताल्लुक रखते हैं। वहीं पूर्व कैबिनेट मंत्री राम मूर्ति वर्मा ने पटेल जयंती कार्यक्रम के संयोजक की जिम्मेदारी निभाई, वह भी इसी समाज से आते हैं। आपको बता दें कि अभी तक पार्टी दफ्तर में 31 अक्टूबर का कार्यक्रम सिर्फ औपचारिकता जैसा होता था। लेकिन जानकारों के मुताबिक नगर निकाय चुनाव की उलटी गिनती शुरू होने से सभी पार्टियां मतदाताओं को रिझाने में जुट गई हैं। ऐसे में समाजवादी पार्टी की नजर भी कुर्मी वोट बैंक पर है। वह सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के सहारे कुर्मी वोट बैंक पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है, ताकि उसे निकाय चुनाव में इसका फायदा मिल सके। यही कारण है इस साल पार्टी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती कुछ इस अंदाज में मनाई गई।
Updated on:
31 Oct 2017 02:58 pm
Published on:
31 Oct 2017 02:11 pm
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