
राजा भगीरथ को भी भुनाने की तैयारी
लखनऊ. अयोध्या के इक्ष्वाकु वंशी राजा महाराज भगीरथ को ब्रह्माण्ड की पवित्र नदी गंगा को धरती पर लाने का श्रेय दिया जाता है। पुण्य सलिला, पापमोचिनी और सदियों से मोक्ष दिलाने वाली गंगा को राजा भगीरथ अपने पूर्वजों के मोक्ष के लिए धरती पर लाए थे, यह सब जानते हैं। लेकिन, राजा भगीरथ समरसता के भी प्रतीक थे, इस बात को सदियों बाद भारतीय जनता को बताया जाएगा। इसके लिए आगामी दिसंबर माह में अयोध्या में दो दिवसीय समरसता कुंभ का आयोजन किया जाएगा। इसमें विभिन्न धर्मों के देश-विदेश के साहित्यकार, लेखक और साधु-संत भाग लेंगे।
सभी धर्मों के साधु-संत लेगें भाग
सात और आठ दिसंबर माह अयोध्या में दो दिनी समरसता कुंभ का आयोजन किया जाएगा। इस कुंभ में हिंदू, मुस्लिम, जैन, बौद्ध, सिख और सूफी संतों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम का आयोजन भाग लेंगे। इसके अलावा टूर आपरेटर, ट्रेवल आपरेटर आदि भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। डॉ. राम मनोहर लाल अवध विश्वविद्यालय को कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी दी गयी है। कार्यक्रम की थीम यह होगी कि अयोध्या हमेशा से ही समरसता की हिमायती रही है। यहां हिंदू-मुस्लिम सहित सभी धर्मों के लोग मिलजुलकर रहते आए हैं। भगीरथी ने भी गंगा का अवतरण सभी धर्मों के कल्याणार्थ कराया।
पर्यटन विभाग कर रहा प्रमोशन
पर्यटन विभाग कुंभ 2019 के प्रमोशन के सिलसिले में इस तरह के कार्यक्रम का जगह-जगह आयोजन कर रहा है। इसी क्रम में समरसता कुंभ का आयोजन किया जा रहा है। इसके अलावाफैजाबाद विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रोफेसर मनोज दीक्षित कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं।
नव्य अयोध्या और भगवान राम की मूर्ति
अयोध्या में एक और अयोध्या बसाने की कवायद जारी है। इसके लिए योगी आदित्यनाथ सरकार करीब 1200 करोड़ की परियोजना पर काम कर रही है। इसके तहत अयोध्या में पर्यटन की दृष्टि से ऐसी सिटी बनायी जानी है जिसमें अत्याधुनिक सुविधाएं होगीं। इसके अलावा अयोध्या में भगवान राम की अब तक की सबसे ऊंची मूर्ति लगाने की घोषणा की गयी है। कुल मिलाकर अयोध्या को चर्चा में बनाए रखने की है।
चर्चा में बनाए रखने की कवायद
भगवान राम की जन्मभूमि और महाराज भगीरथ की कर्मभूमि अयोध्या, भारतीय राजनीति का सबसे पसंदीदा विषय रही है। अयोध्या बाबरी मस्जिद-राममंदिर के ध्वंस की भी साक्षी रही है। लंबे समय से अयोध्या में रामलला की जन्मस्थली पर भव्य मंदिर निर्माण की कवायद विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठन कर रहे हैं। लेकिन, अभी जन्मभूमि का विवाद कोर्ट में उलझा हुआ है। इस बीच योगी आदित्यनाथ सरकार किसी न किसी बहाने अयोध्या और श्री राम को चर्चा में बनाए रखना चाहती है। पिछले साल दीपावली पर अयोध्या में भव्य देव दिवाली का आयोजन किया गया था। इसकी चर्चा देश-विदेश में हुई। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के जनकपुरी से अयोध्या तक के लिए बस यात्रा को हरी झंडी दिखायी थी। अयोध्या से रामेश्वरम तक ट्रेन चलाने की घोषणा हुई। राष्ट्रीय स्वंय संघ के एक अनुषंगी संगठन द्वारा हाल ही रामेश्वरम से अयोध्या तक रथ यात्रा भी निकाली गयी थी।
Published on:
03 Aug 2018 02:09 pm

बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
