इससे पहले दोनों खेमों को चुनाव आयोग के फैसले का इंतजार था। संभावना यह भी थी कि चुनाव आयोग साइकिल सिंबल को फ्रीज कर सकता है या फिर दोनों पार्टियों को राष्ट्रीय पार्टियों का राज्य पार्टी का दर्जा दिया जा सकता था। दोनों दल ऐसी ही दूसरी संभावनाओं पर विचार-विमर्श भी कर रहे थे। हालांकि, अखिलेश गुट पहले ही साफ कर चुका था कि अगर उन्हें साइकिल नहीं मिली तो मोटरसाइकिल को अनपा चुनाव चिह्न बना सकते हैं। इसके अलावा बरगद चुनाव चिह्न पर अखिलेश खेमे के लड़ने की बात चल रही है।