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SP National Conference : अखिलेश यादव को सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने से पहले विरोध, मुस्लिम को बनाने की मांग

SP National Conference : समाजवादी पार्टी के 11वें राष्ट्रीय सम्मेलन में आज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में फिर से अखिलेश यादव की ताजपोशी की जाएगी। लेकिन, इससे पहले ही विरोध शुरू हो गया है। बरेलवी मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अखिलेश यादव से सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष इस बार किसी मुस्लिम को बनाने की मांग की है।

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लखनऊ

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lokesh verma

Sep 29, 2022

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लखनऊ में आयोजित समाजवादी पार्टी के 11वें राष्ट्रीय सम्मेलन में आज गुरुवार 29 सितंबर को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ताजपोशी की जाएगी। यह तय है कि अखिलेश यादव काे ही लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाएगा। इसके अलावा सम्मेलन में 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर सपा अपनी रणनीति को अंतिम रूप देगी। वहीं, अखिलेश यादव के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने से पहले बरेली से विरोध की आवाज उठी है। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अखिलेश यादव से सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष इस बार किसी मुस्लिम को बनाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि पार्टी की स्थापना से ही यह पद मुलायम सिंह के परिवार के पास है, लेकिन कभी किसी मुस्लिम को अध्यक्ष नहीं बनाया गया। अगर इस बार बदलाव नहीं हुआ तो मुस्लिमों के पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।

बता दें कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में सबसे पहले चुनाव अधिकारी व पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कराएंगे। इसके साथ ही गुरुवार को राजनीतिक-आर्थिक प्रस्ताव पास होगा। इस दौरान तय किया जाएगा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी किन मुद्दों के साथ उतरेगी।

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'सपा मुस्लिमों के साथ खेल रही खेल'

आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले विरोध जताकर राजनीति को गरमा दिया है। रजवी का आरोप है कि सपा मुस्लिमों के साथ खेल खेल रही है। 4 अक्टूबर 1992 में स्थापना के बाद से ही मुलायम सिंह राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहे। उसके बाद बेटे अखिलेश यादव की ताजपोशी कर दी गई, लेकिन इस दौरान किसी भी मुस्लिम को राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनाया गया।

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'मुस्लिमों की मदद से बनी थी सपा की सरकार'

उन्होंने कहा कि सपपा मुस्लिमों के हमदर्द होने का सिर्फ दिखावा करती है। जब भी सपा की सरकार बनी है तो मुसलमानों की सहायता से बनी है, क्योंकि यूपी में 25 प्रतिशत मुस्लिम हैं। जबकि सपा मुखिया की बिरादरी महज 7 प्रतिशत है। इसलिए मुसलमानों को तरजीह मिलनी चाहिए। मौलाना ने कहा कि आजम खान के परिवार को जेल भेजने पर अखिलेश यादव चुप रहे। विधायक नाहिद हसन को जेल में डालने के दौरान भी वह कुछ नहीं बोले। वहीं, जब विधायक शहजिल इस्लाम का पेट्रोल पंप ध्वस्त किया गया तो उन्होंने कुछ नहीं कहा।