
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. पेशे से चिकित्सक व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. आशुतोष वर्मा पटेल ने कहा कि सरकार अपनी नाकामी का ठीकरा डॉक्टरों को फोड़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक पद पर एक चिकित्सक की नियुक्ति ही सही है, क्योंकि एक चिकित्सक ही जान सकता है कि ऑपरेशन के बाद डॉक्टर को क्या चाहिए। कितनी रेस्ट मिलेगी। कौन सी मशीन चाहिए न कि कोई गूगल पढ़कर इसे समझ सकता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय व्यवस्था कोई कारपोरेट कंपनी नहीं, जिसमें गोल टार्गेट किए जाएंगे। यह सीधे लोगों की जिंदगी से जुड़ा हुआ मुद्दा है। अगर एमबीए वाले ही सब कर सकते हैं तो सरकार में नेताओं की जरूरत नहीं है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों डॉक्टरों की ड्यूटी को लेकर एक आदेश जारी किया था। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों से अब केवल क्लीनिकल और मेडिकल ड्यूटी करवाने का ही काम लिया जाए। अस्पतालों के प्रबंधकीय कार्य के लिए एमबीए डिग्री धारक युवाओं की नियुक्ति की जाएगी। उत्तर प्रदेश प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (यूपीएमएस) ने सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उच्चाधिकारियों को पत्र व मेल भेजकर कहा है कि मरीजों की सेवा के लिए डॉक्टर चाहिए, न कि प्रबंधक।
Updated on:
10 Jun 2021 05:13 pm
Published on:
10 Jun 2021 05:05 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
