
कभी-कभी ऐसा हो जाता है कि आप बैंक में पैसा जमा करने गये हों और आपकी ग़लती से वो पैसा किसी और के एकाउंट में चला जाता है।ऐसा ही एक मामला राजधानी लखनऊ में सामने आया था जब यहां के गोमतीनगर निवासी एक व्यक्ति जो एक कॉलेज में प्रोफेसर भी हैं, बैंक में पैसा डालने गये थे मगर फार्म में एकाउंट नंबर में थोड़े हेर-फेर की वजह से पैसा किसी और के एकाउंट में चला गया। हांलाकि एक लंबी भाग दौड़ और लिखा पढ़ी के बाद उनका पैसा वापस तो आ गया लेकिन उन्हें एक सीख भी मिल गयी।
चूंकि आजकल नेटबैंकिंग, मोबाइल वॉलेट से मनी ट्रांसफर करने का प्रचलन बेहद ज्यादा हो गया है। ज्यादातर लोग मनी ट्रांसफर के लिए इन्हीं तरीकों का ही इस्तेमाल करते हैं। लेकिन सच तो यह है कि यह सुविधा जितनी आसान है उतना ही इसमें जोखिम भी है। जरा सी चूक मसलन, एक जीरो के बढ़ने और एक गलत नंबर की फीडिंग पर पैसा किसी और अकाउंट में भी ट्रांसफर हो सकता है। अगर बेनेफिशियरी या जिस बैंक के खाते में पैसा गया है, वह दूसरे बैंक को अप्रूवल नहीं देता है तो पैसा लौटना मुश्किल है। इस स्थिति में आपका बैंक भी कुछ नहीं कर सकता क्योंकि वह सिर्फ मध्यस्थ का काम करता है। आपके साथ भी कभी ऐसा हो सकता है इसलिए आज हम आपको बताते हैं कि आखिर पैसा वापसी का नियम क्या है।
क्या करें
गलत खाते में पैसा ट्रांसफर हो जाए तो तुरंत बैंक की शाखा में फोन करें और मैनेजर से बात करें। आपने अगर गलत खाता संख्या लिखा है और वह खाता किसी बैंक में नहीं हैं तो पैसा अपने आप वापस हो जाता है। अगर खाता किसी बैंक में है लेकिन गलती से उसमें ट्रांसफर हो गया तो तुरंत कार्रवाई करनी होगी। बैंक को सभी सबूत दें ताकि साबित हो सके कि गलत खाते में पैसा गया है। अगर मिलते-जुलते नाम की गलतफहमी में पैसा ट्रांसफर हो गया है तो उस नाम से जुड़ी सभी जानकारी और खाता संख्या आदि अपने बैंक को दें. जल्दी कार्रवाई के लिए बैंक को अपनी शिकायत ईमेल करनी चाहिए।
गलत खाते में पैसे ट्रांसफर होने पर बैंक की कोई गलती नहीं होती क्योंकि वह सिर्फ मध्यस्थ की भूमिका निभाता है। अगर एक ही बैंक के दो अलग खातों में गलत ट्रांसफर हुआ है तो ट्रांजेक्शन रिवर्सल के लिए बैंक रिक्वेस्ट भेज सकता है। जिस बैंक के खाते में पैसा ट्रांसफर हुआ है, अगर वह रिवर्सल की अनुमति देता है तो वापस होगा। 7 कार्यदिवस के अंदर पैसा वापस हो सकता है। अगर दूसरे बैंक में पैसा ट्रांसफर हुआ है तो उस ब्रांच में जाकर बैंक के अधिकारियों से मिलना होगा।
बैंक मना करे तो ऐसी स्थिति में क्या करें
ऐसा हो सकता है कि जिस गलत खाते में पैसा ट्रांसफर हुआ है, वह आपको फंड न लौटाए। ऐसी स्थिति में पैसे की वापसी मुश्किल काम है। जिस व्यक्ति के खाते में पैसा गया है, उसे मानना होता है कि अकाउंट में पैसे आए हैं। अगर वह व्यक्ति यह बात स्वीकार कर लेता है तो आपको उसके बैंक में आईडी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ और कुछ कागजात जमा कराने पड़ सकते हैं। इसके बावजूद वह व्यक्ति पैसे देने से मना कर दे तो उसके खिलाफ मुकदमा करना होगा। स्थिति तब और ज्यादा खराब हो जाती है जब आपका बैंक और बेनेफिशियरी बैंक अलग-अलग हों। सबकुछ इस बात पर निर्भर करता है कि वह व्यक्ति पैसे लौटाने को तैयार हो रहा है या नहीं। अगर वह मना कर दे स्थिति उलझ सकती है।
केस दर्ज कराने का अधिकार
अपना पैसा वापस लेना के दूसरा तरीका कानूनी है। अगर वह व्यक्ति जिसके खाते में गलती से पैसा ट्रांसफर हुआ है, वो लौटाने से इनकार करता है तो उसके खिलाफ कोर्ट में केस भी दर्ज कराया जा सकता है। हालांकि, पैसा वापस न करने की स्थिति में यह अधिकार आरबीआई नियमों के उल्लंघन के संदर्भ में होता है।
क्या है आरबीआई का दिशा निर्देश
भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देश के अनुसार लाभार्थी के खाते की सही जानकारी देना लिंक करने वाले की जिम्मेदारी है। अगर, किसी कारण बस लिंक करने वाले से गलती होती है तो उसका जिम्मेदार बैंक नहीं होगा।
बचने के लिए क्या करें
रिजर्व बैंक का स्पष्ट निर्देश है कि पैसे ट्रांसफर करने से पहले अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड की जरूर जांच कर लें। अगर ये दोनों सही है तो गलत ट्रांसफर का सवाल नहीं उठता। हो सकता है कि नाम एक हो, लेकिन खाता संख्या एक नहीं हो सकता, वह भी तब जब आईएफएससी कोड सही हो। अगर गलती से पैसे ट्रांसफर हो जाएं तो अपने बैंक से तुरंत शिकायत करें और रिवर्सल के लिए रिक्वेस्ट करें। हमेशा लिखित शिकायत दर्ज करानी चाहिए जो कागज पर या ईमेल के जरिये हो सकती है।
Published on:
04 Jan 2022 08:32 am
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