
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से असंमजस में बसपा कार्यकर्ता, सबसे बड़ा सवाल, मायावती कहां से लाएंगी 5919 करोड़
लखनऊ. लोकसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती को उच्चतम न्यायालय ने बड़ा झटका दिया है। एक सख्त आदेश में शुक्रवार को शीर्ष कोर्ट ने कहा कि लखनऊ और नोएडा आदि में सुश्री मायावती ने अपनी और हाथियों की मूर्तियां बनवाने में जितना पैसा खर्च किया है, उसे वापस लौटाना होगा। शीर्ष कोर्ट के इस फैसले के बाद पार्टी में हडक़ंप मच गया है। सवाल उठ रहा है कि आखिर मायावती पार्कों और मूर्तियों के निर्माण पर खर्च कुल 5919 करोड़ की राशि का इंतजाम कहां से करेंगी?
क्या है फैसले में
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सुनाया है। मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को होगी। यह याचिका 2009 में रविकांत और सुकुमार ने दायर की थी। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले भी 2015 में भी उत्तर प्रदेश सरकार से पार्क और मूर्तियों पर खर्च हुए सरकारी पैसे की जानकारी मांगी थी।
नोएडा और लखनऊ में बनवाए पार्क
गौरतलब है कि अपने मुख्यमंत्रित्व काल में बसपा सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ और नोएडा में दो बड़े पार्क बनवाए थे। इन पार्को में मायावती की खुद अपनी और दलित नेता भीमराव अंबेडकर, कांशीराम और पार्टी के चुनाव चिन्ह हाथी की मूर्तियां लगायी हैं। आरोप है कि ये मूर्तियां सरकारी खर्चे पर बनवायी गयीं।
कहां-कहां मूर्तियां लगीं और कितने पैसे हुए खर्च
लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा तैयार रिपोर्ट के मुताबिक लखनऊ, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पार्क और मूर्तियों पर कुल 5,919 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। नोएडा के दलित प्रेरणा स्थल पर हाथी की पत्थर की 30 मूर्तियां, कांसे की 22 प्रतिमाएं लगीं हैं। इन पर 685 करोड़ का खर्च आया। इन पार्कों और मूर्तियों के रखरखाव के लिए 5,634 कर्मचारी नियुक्ति किए गए।
मायावती की मूर्तियों पर ही 3.49 करोड़ खर्च
वकील रवि कांत और सुकुमार ने सुप्रीम कोर्ट में जो आरोप लगाया है उसके मुताबिक जनता के धन से सुश्री मायावती ने मूर्तियां लगवाईं। इनमें खुद मायावती की आठ मूर्तियों के निर्माण पर 3.49 करोड़ का खर्च आया। आठ मूर्तियों पर 3.49 रुपए खर्च हुए। कांशीराम की मूर्तियों पर 3.37 करोड़ रुपए खर्च हुए। जबकि 52.20 करोड़ रुपए बसपा के चिन्ह हाथी की 60 मूर्तियों और ग्रेनाइट मार्बल लगाने पर खर्च हुए। तकरीबन 24 फुट ऊंचाई वाली मूर्तियां कांस्य निर्मित हैं। जिनकी कीमत 3 करोड़ 10 लाख रुपए बतायी गयी है। इस तरह कुल मूर्तियां लगाने में 193 करोड़ रुपए हुए हैं।
Updated on:
08 Feb 2019 01:17 pm
Published on:
08 Feb 2019 12:53 pm
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