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योगी सरकार की पर्यटन बुकलेट से ताजमहल गायब, विपक्ष ने उठाए सवाल

पर्यटन विभाग की ओर से जारी पर्यटन की बुकलेट से दुनिया का सातवां अजूबा ताजमहल गायब है।

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लखनऊ. पर्यटन विभाग की ओर से जारी पर्यटन की बुकलेट से दुनिया का सातवां अजूबा ताजमहल गायब है। इस साल यूपी पर्यटन की बनाई गई बुकलेट में ताजमहल को जगह नहीं दी गई है। अब मीडिया में बात आने के बाद इस बात को लेकर घमासान मच गया है। बता दें कि यूपी पर्यटन मंत्रालय की ओर से हर साल आधिकारिक बुकलेट बनती है। इस बुकलेट में प्रदेश के हर बड़े पर्यटन स्थल के बारे में लिखा होता है और उस पर्यटन स्थल के चित्र भी इस बुकलेट में छापे जाते हैं। इस बार जो बुकलेट पर्यटन विभाग की ओर पेश की गई उसमें से ताजमहल गायब है।

इस बुकलेट में पहले पेज पर गंगा आरती है। बुकलेट में गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर को जगह दी गई है। नाथ संप्रदाय से ही जुड़े यूपी के बलरामपुर में स्थित देवी पाटन शक्ति पीठ को भी स्थान दिया गया है। दो पेज सिर्फ गोरखनाथ मंदिर को समर्पित किए गए हैं। इसमें गोरखनाथ मंदिर का फोटो, उसका इतिहास और महत्व लिखा है।

बुकलेट की शुरुआत में गंगा आरती के भव्य दृश्य के साथ दूसरे पेज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी की तस्वीर है। इस तस्वीर के साथ बुकलेट का उद्देश्य लिखा है। उसके आगे पर्यटन विकास योजनाओं के बारे में दिया गया है। पहले पेज के साथ ही छठवां और सातवां पेज भी गंगा आरती को समर्पित किया गया है।रामलीला के चित्रों को भी बुकलेट में छापा गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही ताजमहल को लेकर विवादास्पद बयान दे चुके हैं। बिहार के दरभंगा में 15 जून को आयोजित एक रैली में उन्होंने कहा था कि ताजमहल एक इमारत के सिवाय कुछ नहीं है। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति का हिस्सा मानने से इनकार कर दिया था।

सपा के प्रदेश प्रवक्ता नितिन अग्रवाल का कहना है कि ताज महल पूरे प्रदेश की नहीं बल्कि देश की पहचान है। दुनिया भर से लोग ताज महल घूमने आते हैं। ऐसे में ताजमहल को पर्यटन की बुकलेट से हटाना सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। जो हमारे यूपी की पहचान है उसे कैसे बुकलेट से हटाया जा सकता है। इन दिनों सरकार जो फैसले ले रही है उसमें विकास का एजेंडा तो कहीं नजर ही नहीं आ रहा है।

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता हिलाल नकवी ने कहा है कि ताजमहल को पर्यटन की बुकलेट में शामिल न करना निंदनीय है। क्या योगी सरकार में योग्य अधिकारियों की कमी हो गई, ये जांच का विषय है। अधिकारी योग्य नहीं है या उन्हें नियुक्त करने वाले ये भी बड़ा सवाल है। दरअसल बीजेपी विभाजन की राजनीति करती है। इसी कारण ऐसे चौकाने वाली खबरें सामने आती हैं।

बचाव में उतरी सरकार

वहीं ताजमहल को पर्यटन स्थल की सूची से हटाने की ख़बरों का प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी ने किया खंडन किया है। उनके मुताबिक मीडिया में ये भ्रम फैलाया जा रहा है।







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