
जेल ब्रेक के बाद पकड़े गए कैदी ने सनसनीखेज खुलासा किया है
Jail Break Case:जेल ब्रेक के बाद हरियाणा के यमुनानगर से दबोचे गए आरोपी राम कुमार ने पुलिस के सामने चौंकाने वाला खुलासा किया है। बीते 11 अक्तूबर की रात उत्तराखंड की हरिद्वार जेल से यूपी उज्जारी ढिबा, धौनीपुर, गोंडा निवासी राम कुमार और रुड़की निवासी सजायाफ्ता पंकज फरार हो गए थे। मामले से जेल और पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई थी। दोनों ही खूंखार अपराधी हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें अलग-अलग राज्यों में दबिश दे रही थी। बीते दिनों पुलिस ने फरार राम कुमार को गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ में रामकुमार ने बताया कि कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि गैंग के फरार शूटर कैदी पंकज के निशाने पर रुड़की के दो लोग हैं। पंकज हर हाल में उन दो लोगों का कत्ल करना चाहता है। जल्द ही वह अपने मकसद को अंजाम तक पहुंचाने की फिराक में है।
पकड़े गए कैदी राम कुमार ने पुलिस को बताया कि फरार होने के बाद 13 अक्तूबर को वह और पंकज जगाधरी सिटी में पहुंच गए थे। वह वहां पहले एक होटल में कार्य कर चुका था। इसलिए उसे किराए पर कमरा मिल गया। 16 अक्तूबर को उसकी पंकज से आखिरी मुलाकात हुई थी। राम कुमार ने खुलासा किया कि पंकज ने रुड़की के दो लोगों की हत्या करने की जानकारी उससे सांझा की थी। बताया था कि वह हत्या के लिए असलहे का इंतजाम करने में जुटा है। वह लोग कौन हैं, इस संबंध में उसे कुछ नहीं पता है। राम कुमार के खुलासे से पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है।
हरिद्वार जेल ब्रेक की घटना 11 अक्तूबर की रात की है। उस समय जेल परिसर में रामलीला मंचन चल रहा था। खूंखार कैदी पंकज और राम कुमार रामलीला में बंदर का रोल खेल रहे थे। सुनियोजित प्लान के तहत दोनों कैदी सीढ़ियां लगाने के बाद दीवार फांदकर फरार हो गए थे। जेल कैंपस में निर्माणाधीन हाई सिक्योरिटी बैरक के निर्माण स्थल पर लापरवाही कर छोड़ दी गई दो सीढ़ी को जोड़कर पिछले हिस्से की दीवार फांदकर फरार हुए थे। रामलीला मंचन के बाद कैदियों की गिनती करने पर दो लोगों के फरार होने की जानकारी से जेल प्रशासन के पैरों तले जमीन खिसक गई थी।
हरिद्वार जेल ब्रेक कर फरार विचाराधीन कैदी राम कुमार को जगाधरी हरियाणा की पुलिस ने शुक्रवार दबोचा था। एसओ सिडकुल मनोहर भंडारी की अगुवाई में एक पुलिस टीम जगाधरी पहुंच गई थी। औपचारिकता पूरी करने के बाद सिडकुल पुलिस आरोपी कैदी को हरिद्वार ले आई। आरोपी कैदी ने देर रात तक चली पूछताछ में बताया कि उसका जेल से फरार होने के पीछे कोई खास मकसद नहीं था। उसे यह लग रहा था कि उसकी कोई जमानत नहीं करा रहा है। इसलिए उसे फरार होने की बात सूझी। बताया कि पूरी साजिश पंकज की ही थी।
Updated on:
27 Oct 2024 10:35 am
Published on:
27 Oct 2024 10:35 am
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