
अगर आपकी ईमेल पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी का आरोप लगाते हुए कोई धमकी भरा नोटिस मिलता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह नोटिस पुलिस या किसी जांच एजेंसी का नहीं, बल्कि साइबर ठगी का नया फंडा है। लोगों को एक ईमेल आता है कि अगर आप इसका जवाब 24 घंटे के अंदर इसका जवाब नहीं देते तो संबंधित थाने में FIR दर्ज कर गिरफ्तार किया जाएगा। इस फर्जी नोटिस ने लोगों की नींद उड़ा दी। टेंशन में आकर लोगों ने अपना मेल इन-एक्टिव कर दिया।
इस नोटिस पर इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, प्रोसिक्यूटर ओवर माइनर्स एंड ऑफेंसेस रिलेटेड टू साइबर क्राइम के चीफ ऑफ पुलिस प्रशांत गौतम, इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर के सीईओ राजेश कुमार, सेंटर के सेक्रेटरी दीपक विरमानी आदि का हवाला दिया गया है। हालांकि यह नोटिस फर्जी हैं।
साइबर में लगातार फंसते जा रहे हैं। कई लोग अपनी होशियारी या लापरवाही के कारण ही इन साइबर अपराधियों के जाल में नहीं फंसे लेकिन वे तनाव से नहीं बच पाए। कुछ लोगों ने आनन-फानन में डर के चलते मेल डिलीट कर दी या फिर अपनी ई-मेल आईडी ही इन-एक्टिव कर दी। वे इस फ्रॉड से तो बच गए लेकिन कई दिन तक तनाव में जीते रहे। शहर में भी ऐसे कई मामले हैं। हालांकि जिन लोगों के पास इस तरह की मेल आ रही है, वह खुद भी किसी को जानकारी देना नहीं चाहते हैं। पुलिस को भी गोपनीय सूचना देते हैं। साइबर अपराधी बुजुर्ग, कम पढ़े लिखे कमजोर लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। ये लोग इसकी जानकारी बिना किसी को दिए उनके कहे अनुसार चलने लगते हैं और तनाव का शिकार होते हैं।
Updated on:
24 Aug 2024 11:56 am
Published on:
24 Aug 2024 11:55 am

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