
एमिटी इंटरनेशनल स्कूल गोमतीनगर ने पर्यावरण विज्ञान प्रस्तुतिकरण दिवस आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य अपने विद्यार्थियों को पर्यावरण सुरक्षा के प्रति संवेदनशील और जागरूक बनाना था।

कार्यक्रम का उद्घाटन स्कूल की प्रधानाचार्या रचना मिश्रा ने दीप जलाकर किया। इस अवसर पर नन्हे छात्रों ने गायत्री मंत्र और वैदिक ऋचाओं का सस्वर पाठ किया।

कार्यक्रम में जहां नर्सरी और केजी के बच्चों ने जल बचाओ-जीवन बचाओ नामक लघु नाटक प्रस्तुत कर पानी की हर बूंद बचाने का संदेश दिया तो वहीं कक्षा एक के बच्चों ने स्कूल है हमारा, साफ रखें हम गीत के जरिए स्वछता के प्रति जागरूक किया।

कक्षा दो और तीन के विद्यार्थियों ने उर्जा संरक्षण और ईंघन संरक्षण पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। कक्षा दो के छात्रों द्वारा प्रस्तुत गीत आल इज वेल ने सबका मन जीता।

कक्षा 4 के विद्यार्थियों ने ना काटो मुझे-दुखता है गीत के जरिए पेड़ों के दर्द को बखूबी उकेरा और वृक्षारोपण के लिए प्ररित किया। विद्यार्थियों ने ऋग्वेद, अथर्ववेद और पुराणों में हजारों वर्ष पूर्व लिखे पर्यावरण संरक्षण के संदेशों को भी संस्कृत श्लोकों के पाठ द्वारा लोगों तक पहुंचाया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्या रचना मिश्रा ने विद्यार्थियों को इतने प्रभावी ढ़ग से अपनी बात कहने के लिए बधाई दी और कहा यह संदेश सिर्फ दूसरों के लिए नहीं बल्कि पहले अपने खुद के जीवन में इनका शत प्रतिशत अमल करना होगा। उन्होने कहा अगर समाज का प्रत्येक व्यक्ति सिर्फ अपनी जिम्मेदारी निबाहे तो धरती का और प्रकृति दोबारा अपने मूल स्वरूप में लौट आएगी।