अखिलेश ने बेटियों, किसानों और होनहारों के साथ किया धोखा

वर्ष 2014-15 में विकास के 115 मदों का पूरा पैसा खर्च नहीं कर पाई अखिलेश सरकार

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Mar 11, 2016
akhilesh
लखनऊ.उत्तर प्रदेश में विकास का दावा करने वाली अखिलेश सरकार 115 मदों में 100 फीसदी आवंटित धनराशि को नहीं खर्च कर पाई। वित्तीय वर्ष 2014-15 की कैग रिपोर्ट के अनुसार लैपटाप वितरण योजना को ऐतिहासिक बताने वाले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 2014-15 के वित्तीय वर्ष में 1 प्रतिशत भी धनराशि इस मद में नहीं खर्च कर पाए। यही हाल कन्या विद्या धन योजना का है जिसमें 100 प्रतिशत धनराशि व्यय न होने के कारण राषि अभ्यर्पित कर दी गई। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में जहां भारी अनिमियता की शिकायतें सामने आई हैं। वहीं इस मद में आवंटित 71700 करोड़ की राशि का एक भी पैसा पूरे वित्तीय वर्ष में खर्च नहीं हो पाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

मुलायम के क्षेत्र में भी नहीं हुआ काम
राज्य सरकार ने आजमगढ़ में पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय की स्थापना की जायेगी, किन्तु इस योजना की धनराशि अभ्यर्पित कर दी गयी। आजमगढ़ में हरिओद्य कला केन्द्र भवन के लिए पैसा आवंटित हुआ किन्तु एक ही पैसा खर्च नहीं होने की सूचनाऐं है। खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने विशिष्ट खिलाडि़यों को प्रदेशीय पुरूस्कार देने की योजना महज इसलिए मुर्तरूप नहीं ले पायी कि उसकी स्वीकृतियां ही नही प्राप्त हो पायी। क्रीड़ा संघो को प्रोत्साहन देने के लिए धनराशि तो आवंटित हुई किन्तु खर्च एक पाई भी नहीं हो पाया।

कन्या विद्या धन के करोड़ों रूपए खर्च नहीं हुए
कन्या विद्या धन के लिए आवंटित करोड़ों रूपए का बजट आवंटित तो किया गया किन्तु खर्च नहीं हुए। पिछड़े वर्गो के व्यक्तियों की पुत्रिर्यों के विवाह एवं बीमारी के सहायता के लिए बजटीय आवंटन कर तालियां बटोरने वाली सरकार धन अवांटन के बाद योजना स्थगित कर दी। यही नहीं जिला योजना में भी अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की बीमारी के इलाज तथा प्रार्थियों की पुत्रिर्याें की शादी के मद में धनराशि नहीं खर्च हो पायी। सरकार ने डाॅ. अम्बेडकर जन्म शताब्दी फाउन्डेशन योजना के लिए धन आवंटन किया, खर्च नहीं किया गया।

भाजपा ने सरकार पर बोला हमला
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा सपा नेता बजट में बीपीएल परिवार के महिलाओं को साड़ी, वृद्धजनों को कम्बल की योजना के लिए धन आवंटन करते है सभाओं में तालिया भी बटोरते हैं, किन्तु जब धन खर्च करने की बारी आती है तो पूरा का पूरा पैसा अभ्यर्पित हो जाता है। किसान वर्ष मना रही सरकार जैव उर्वरकों के प्रयोग को प्रोत्साहित करने के लिए धन आवंटन करती है किन्तु पूरे वर्ष भर अपने अन्र्तविरोधों के चलते निविदा की प्रक्रिया को पूर्ण नहीं कर पाती है नतीजन आवंटित धनराशि शत प्रतिशत खर्च होने से रह जाती है। राजनैतिक आरोप जरूर मढ़े जाते है कि उ0प्र0 से इतना समर्थन मिलने के बावजूद उ0प्र0 से भेद-भाव हो रहा है। सरकार केवल अपने राजनैतिक वादों से भी मुकर रही है अपने मुखिया मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र में भी योजनाओं के प्रति भी लापरवाह है। सबसे अधिक लैपटाप बांटने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 2014-15 में आवंटित लैपटाप के पैसे को खर्च ही नहीं किया बल्कि योजना ही स्थगित कर दी। भाजपा प्रवक्ता ने कहा लगातार सरकार में जारी असमंजस के कारण राज्य में कानून व्यवस्था से लेकर विकास कार्यो तक को लेकर असमंजस का वातावरण है।
Published on:
11 Mar 2016 08:23 pm
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