
Corona Update : तेजी से बिगड़ रहे हैं शहर के हालात, , अब तक सामने आए 1567 पॉजिटिव केस
लखनऊ. यूपी में कोरोना (Coronavirus in UP) के रिकॉर्ड 4800 मामले सामने आए है, जिसके साथ ही कुल संक्रमितों का आंकडा़ 1,18,038 पहुंच गया है। कोरोना (Covid 19) की रोकथाम के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन कुछ जालसाजों ने इसे धनउगाही का जरिया बना लिया। कोरोना टेस्ट की असली दिखने वाली फर्जी रिपोर्ट से वह न सिर्फ अस्पतालों को चूना लगा रहे हैं बल्कि प्रशासन की तैयारियों के साथ ही लोगों की जान के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं। लखनऊ में इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब एसजीपीजीआई (SGPGI) के डॉक्टर के पास ऐसी ही एक रिपोर्ट पहुंची। डॉक्टर इसको देख दंग रह गए और तुरंत थाने में एफआईआर करा दी। मामला लखनऊ के एसजीपीजीआई का है, जहां कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही किसी मरीज को दाखिल किया जाता है।
ऐसे हुआ खुलासा-
एसपीजीआई की सुरक्षा समिति अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. एसपी अम्बेश ने बताया कि बिहार का एक मरीज 6 अगस्त को सुबह करीब 10-11 बजे के संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग में आया था। मरीज को एमआईसीयू में एडमिट होना था। इससे पहले उससे कोरोना जांच की रिपोर्ट मांगी गई। वह शख्स चंद घंटे बाद ही दोपहर करीब 2-3 बजे अपनी और मरीज की जांच रिपोर्ट ले आया जो नेगेटिव थी। इस पर अस्पताल को कुछ शक हुआ। जांच रिपोर्ट हूबहू एसजीपीजीआई की रिपोर्ट जैसी थी। डॉक्टर ने रिपोर्ट पर लिखे रजिस्ट्रेशन नंबर की जांच की, तो पाया ऐसा कोई रजिस्ट्रेशन नंबर है ही नहीं और रिपोर्ट फर्जी निकली। पता चला कि जालसाजों ने 1500 रुपये में पीजीआई जैसी फर्ज़ी कोरोना रिपोर्ट तैयार की है।
पुलिस ने कहा दोषियों पर की जाएगी कार्रवाई-
प्रोफेसर एसपी अंबेश ने मामले में एफआईआर दर्ज करा दी है। जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय का इस पर कहना है कि यह मामला गंभीर है। इस मामले में पीजीआई थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले में पीजीआई कर्मचारियों के मिलीभगत की भी जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
08 Aug 2020 06:18 pm
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