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UP Crime: योगी राज में खत्म हुआ माफिया से माननीय बने बदमाशों का आतंक, किसी को 7 साल तो किसी को मिली आजीवन कारावास की सजा

UP Crime: उमेश पाल अपहरण केस में अतीक को आजीवन कारावास की सजा हुई है। पहली बार ऐसा हुआ है, जब मुख्तार और अतीक जैसे माफियाओं को किसी मामले में सजा सुनाया गया है।

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लखनऊ

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Prashant Tiwari

Mar 29, 2023

criminal

28 मार्च 2023 का दिन उत्तर प्रदेश कभी नहीं भुलेगा, जानते है क्यों? चलिए हम बताते हैं, इस दिन माफिया से माननीय बने अतीक और उसके दो साथियों को प्रयागराज की विशेष MP/MLA कोर्ट ने उमेश पाल अपहरण केस में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट का फैसला आते ही जहां माफिया बेहोश हो गया। दूसरी तरफ लोगों ने सुकून का सांस लिया। आज हम आपको बताएंगे की कैसे योगी राज में एक के बाद एक माफियाओं का आतंक खत्म होता चला गया।

21 सितंबर 2022 को मुख्तार को पहली बार हुई सजा
उत्तर प्रदेश के साथ ही पूरे देश में आंतक का पर्याय बन चुके मुख्तार अंसारी को हाईकोर्ट ने पहली बार 21 सितंबर 2022 को सजा सुनाया। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 2003 में जिला जेल, लखनऊ के जेलर को धमकाने के मामले में माफिया मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया था। न्यायालय ने उसे सात साल की सजा और 37 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया था।

यह पहली बार था जब मख्तार को किसी मामले में सजा सुनाया गया था। बता दें कि मुख्तार मऊ जिले की सदर विधानसभा सीट से विधायक बनता आ रहा था। लेकिन 2022 की विधानसभा में उसने अपने बेटे अब्बास अंसारी को इस सीट से लड़ाया।

28 मार्च 2023 को अतीक को हुआ उम्रकैद
उत्तर प्रदेश की विधानसभा में विधायक बनने से लेकर सांसद बनने तक का सफर पूरा करने वाले अतीक अहमद को पहली बार किसी मामले में सजा सुनाया गया। अतीक पर करीब 100 से ज्यादा मुकदमें दर्ज होने के बावजूद अब तक उसे किसी मामले में सजा नहीं हो पाई थी। लेकिन अब उसे उमेश पाल अपहरण केस में आजीवन जेल की सजा सुनाई गई है।

विजय मिश्रा जेल में बंद
माफियाओं की लिस्ट में तीसरा नाम पूर्व विधायक बाहुबली विजय मिश्रा का है। इ़न पर भी कई आपराधिक मुकदमें दर्ज होने के बावजूद आजतक किसी मामले में सजा नहीं हो पाया है। लेकिन अपने साढ़ू की जमीन पर कब्जा करने के जुर्म में ये जेल में बंद है। योगी सरकार ने इनकी करोडों की संपत्ति या तो जब्त कर लिया है या उस पर बुल्डोजर चला दिया है।


इसके अलावा और भी नाम है इस लिस्ट में
ये तो कुछ बड़े और माननीय माफिया थे इनके अलाव और भी है, जिन पर सरकार ने कानूनी शिंकजा कसा है। इनमें प्रमुख तौर पर ध्रुव सिंह उर्फ कुन्टू सिंह, योगेश भदौड़ा, अमित कसाना, एजाज, अजीत उर्फ हप्पू, आकाश जाट, अनिल दुजाना, मुलायम यादव, राजू मुहम्मद उर्फ चाैधरी, सलीम, सोहराब व रुस्मत अभी जेल में है। इनमें से अधिकतर पर अभी केस चेल रहा है और जल्द ही इन्हें भी सजा होना है।

‘माफियाओं को मिट्टी में मिला देंगे…’
24 फरवरी को प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में बहुजन समाज पार्टी के विधायक राजूपाल की हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड का आरोप अतीक अहमद के गैंग पर लगा। उसी समय प्रदेश में विधानसभा सत्र चल रहा था। अगले ही दिन 25 फरवरी को विधानसभा सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था, “प्रदेश में माफियाओं को मिट्टी में मिला देंगे। इसके बाद से ही पुलिस अतीक के गैंग को खत्म करने में लगी है।

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