
UP Election 2022 Atrauli hot seat
UP Election 2022: अतरौली सीट राम मंदिर आंदोलन के नायक रहे कल्याण सिंह की वजह से पूरे देश में चर्चा में रहती है। ये सीट कल्याण सिंह और उनके परिवार का मजूबत किला मानी जाती है। अगर 2012 के विधानसभा चुनावों को छोड़ दें तो 1967 से लेकर 2017 तक इस सीट पर हमेशा से कल्याण सिंह और उनके परिवार का ही कब्जा रहा है। कल्याण सिंह के निधन के बाद ये पहला चुनाव होगा जो उनकी अनुपस्थिति में लड़ा जाएगा। इस बार भी बीजेपी ने उन्हीं के पौत्र संदीप सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। 2012 में सभी राजनीतिक पंडितों को चौंकाते हुए सपा के वीरेश यादव ने कल्याण सिंह की पुत्रवधू प्रेमलता को हराकर इस सीट पर जीत हासिल की थी। जिसने उन्हें पूरे देश में चर्चित कर दिया था।
2022 में किस पार्टी ने किसको दिया टिकट
बीजेपी की तरफ से एक बार फिर कल्याण सिंह के पौत्र संदीप सिंह ही मैदान में हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट और इंग्लैंड की लीड्स यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रैजुएट संदीप सिंह पहली बार 2017 का चुनाव लड़े और जीते भी। अतरौली सीट को कल्याण सिंह का गढ़ माना जाता है। यहां उनके परिवार को हरा पाना टेढ़ी खीर साबित होता है।
कांग्रेस ने लोधी बाहुल्य क्षेत्र को देखते हुए समाज के डॉ धर्मेंद्र कुमार को यहां से अपना प्रत्याशी बनाया है। डॉ धर्मेन्द्र पहले बीजेपी में थे लेकिन किन्ही वजहों से वह कांग्रेस में शामिल हो गये।
वीरेश चर्चा में तब आये जब उन्होंने 2012 के विधानसभा चुनाव में पूर्व सीएम कल्याण सिंह की पुत्रवधू को हरा दिया था। अतरौली में कल्याण सिंह के परिवार को चुनावी मैदान में मात देना बड़ी बात थी।
बसपा की तरफ डॉ. ओमवीर सिंह चुनावी मैदान में हैं। ओमवीर आगरा विश्व विद्यालय टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। ये रालोद भी रहे हैं। इन्होंने कुछ दिनों पहले ही बसपा की सदस्यता ली थी।
जातीय समीकरण
मतदाता - करीब 3 लाख 15 हजार
2012 विधानसभा चुनाव का परिणाम
संदीप कुमार सिंह
कुल वोट - 115,397
वोट प्रतिशत - 49.61%
जीत का मार्जिन - 50,967
वीरेश यादव
कुल वोट - 64,430
वोट प्रतिशत - 27.70%
इलियास चौधरी
कुल वोट - 45,041
वोट प्रतिशत - 19.36%
कुल वोट - 1,325
वोट प्रतिशत – 0.57%
राजनीतिक इतिहास
Published on:
26 Jan 2022 07:26 am
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