
अब बात चाहे राजनीति की हो या धार्मिकता की, बात राज्य के सुंदरता की हो या अनोखेपन की, बात आज के जमाने की हो या क्रांति की, उत्तर प्रदेश हमेशा से आगे रहा है। अब बात अगर सबसे अधिक आबादी वाले राज्य की करें या सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री देने वाले राज्य की, नाम यूपी का ही आगे आएगा।
साल 1950 से पहले उत्तर प्रदेश नाम का कोई राज्य ही नहीं था। साल 1950 में इस राज्य का नाम उत्तर प्रदेश पड़ा। इससे पहले इसका नाम यूनाइटेड प्रोविंस था। 24 जनवरी 1950 को ही यूपी यानी उत्तर प्रदेश को उसका नाम मिला था। इसलिए यह दिन यूपी को समर्पित है और इस दिन को यूपी स्थापना दिवस मनाया जाता है।
प्रदेश में स्थापना दिवस पहली बार 2018 मनाया गया था। राज्यपाल राम नाईक ने अपने कार्यकाल के दौरान मौजूदा समाजवादी सरकार के सामने यूपी दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था, पर किसी कारण से वह प्रस्ताव सफल नहीं हो सका। इसके बाद योगी सरकार के आने पर राज्यपाल ने फिर से प्रस्ताव भेजा। तब से उत्तर प्रदेश दिवस हर साल 24 जनवरी को मनाने का निर्णय लिया गया।
'उत्तर प्रदेश दिवस' 2023 की थीम 'निवेश और रोजगार' यानी ‘Investment and Employment’ रखा गया है। अधिकारियों ने बताया की यूपी दिवस का कार्यक्रम राज्य में 3 दिन तक मनाया जाएगा। यानी की 24 से 26 जनवरी तक।
24 जनवरी को उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस साल 2018 से ही तीन दिनों तक मनाए जाते हैं ताकि सभी सरकारी विभाग शामिल हो सके। यूपी के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने बताया है कि इस साल सरकार ने आम जनता को भी कार्यकर्मों में शामिल करने का फैसला लिया है।
Published on:
24 Jan 2023 08:49 am
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
