
नेपाल पुलिस द्वारा लखनऊ में घुसकर 'किडनैपिंग', कानून मंत्री बेहद नाराज
लखनऊ. 28 सितंबर को राजधानी के मड़ियावं थाना क्षेत्र के एक सराफा व्यवसायी का अपहरण हुआ था। पुलिस ने किडनैप का मामला दर्ज किया था, लेकिन जब हकीकत सामने आई तो पुलिस के साथ ही राजनेताओं के होश उड़ गये। दरअसल ये कोई किडनैपिंग नहीं थी, बल्कि नेपाल सामूहिक हत्याकांड मामले में नेपाल पुलिस सराफा व्यवसायी को उठाकर ले गई थी। मामला सामने आते ही हड़कंप मच गया है। व्यवसायी के बेटे ने जहां भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है, वहीं सूबे के कानून मंत्री बृजेश पाठक ने नाराजगी जताते नेपाल को दायरे में रहने की चेतावनी दी है।
मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि नेपाल से भारत के दोस्ताना संबंध हैं। दोनों की ही एक दूसरे के प्रति जिम्मेदारी है। दोनों देशों को कानून का पालन किया जाना चाहिये। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने से पहले क्षेत्र की पुलिस को सूचित करना जरूरी है, भले ही वह पड़ोसो जिले की ही पुलिस क्यों न हो।
एसएसपी बोले
लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि मामला सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया था। वीडियो में दिख रहा था कि सफेद रंग की स्विफ्ट कार सवार कुछ लोग सराफा व्यवसायी को उठाकर ले जा रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर और व्यवसायी के बेटे की शिकायत पर मड़ियांव थाने में अपरहण का मामला दर्ज किया था। उन्होंने बताया कि केंद्र के साथ-साथ संबंधित एजेंसियों को नेपाल पुलिस द्वारा जिस तरीके से व्यवसायी का अपहरण किया गया है, उसके बारे में पत्र लिखा गया है।
भारत सरकार से लगाई गुहार
सराफा व्यवयायी किशोरी लाल के बेटे विकास सोनी ने भारत सरकार से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ले निष्पक्ष जांच की मांग की है। कहा कि उसके पिता को किशोरी लाल नेपाल पुलिस की हिरासत में हैं।
Published on:
06 Oct 2018 06:57 pm
