27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यूपी सरकार से हुई ऐसी बड़ी गलती कि मांगनी पड़ी माफी, होना पड़ा शर्मिंदा

सात महीने पहले ही गुरु नानक जयंती की बधाई देकर ट्विटर पर ट्रोल हो गयी सूपी सरकार

2 min read
Google source verification
keshav prasad maurya

लखनऊ. यूपी सरकार इन दिनों गलतियों के जाल में फंसती ही चली जा रही है। एक तरफ उन्नाव दुष्कर्म मामला उनका पीछा नहीं छोड़ रहा, तो दूसरी ओर दूसरे मंत्री अपनी लापरवाही से ट्रोल होते रहते हैं। कुछ ऐसा ही खामियाजा कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह को भुगतना पड़ा, जब उन्होंने सोशल नेटवर्किंग साइट पर गलती से 23 नवंबर, 2018 को पड़ने वाली गुरु नानक जयंती की बधाई अप्रैल में ही दे डाली। इस लापरवाही के कारण उन्हें यूजर्स ने जमकर ट्रोल किया और खूब लताड़ा।

केंद्रीय मंत्री सिद्धार्ध नाथ सिंह ने शायद कुछ ज्यादा ही जल्दवाजी कर दी। सात महीने पहले ही उन्होंने गुरु नानक जयंती की बधाई ट्विटर पर यूजर्स को दे डाली, जिसके चलते यूजर्स ने उन्हें ट्रोल किया। हालांकि, बाद में अपनी गलती का एहसास होने पर उन्होंने तुरंत उस ट्विट के लिए उन्होंने माफी मांगी।

इन्होंने ने भी की ये गलती

गुरूनानक जयंती की गलत तारीख पर बधाई देने वाले सिद्धार्थ नाथ सिंह अकेले नहीं है। इस लापरवाही में उनका साथ दिया है डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या, लखनऊ से बीजेपी सांसद आशुतोष टंडन और बृजेश पाठक ने। हालांकि, बाद में इन सबने अपनी ट्विट डिलीट भी कर दी। सभी ने एक-एक कर गुरु नानक जयंती की बधाई दी। लेकिन बाद में गलती का अंदाजा लगने पर यूजर्स से मांफी मांग ट्विट डिलीट कर दी।

यूपी सरकार ने जारी किया था कैलेंडर

इस गलती में खास बात ये है कि यूपी सरकार द्वारा जारी किए कैलेंडर के अनुसार गुरु नानक जयंती 23 नवंबर, 2018 को पड़ रही है। अपनी ही सरकार द्वारा जारी किए कैलेंडर के बावजूद भाजपा सरकार धोखा खा गयी। अपनी भूल को लेकर सुधार करते हुए केशव प्रसाद मौर्या ने बताया कि विकिपीडिया पर गुरु नानक जयंती 15 अप्रैल दिखा रही थी। इसके चलते उनसे ये भूल हुई और ट्विटर पर गलत जानकारी के साथ उन्होंने सिखों के इस त्योहार की सबको ढेरों बधाई दी।