यूपी सरकार ने दिल्ली को पानी देने से इनकार कर दिया, बिना कारण बताए ही वापस कर दिए 70 लाख रुपए। दिल्ली के उपराज्यपाल के अनुरोध करने पर भी नहीं दी कोई प्रतिक्रिया।
सिंचाई के लिए 14 करोड़ गैलन प्रतिदिन शोधित जल प्राप्त करने के बदले में दिल्ली को इतनी अशोधित जल उपलब्ध कराने की योजना से उत्तर प्रदेश पीछे हट गया है।
सूचना का अधिकार RTI अधिनियम के तहत दायर की गई एक अर्जी के जवाब में यह जानकारी मिली है।दिल्ली के तत्कालीन उपराज्यपाल अनिल बैजल ने उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस सिलसिले में एक अनुरोध भी किया था।
इसके बदले में इतनी ही मात्रा में जल ओखला सिवेज शोधन संयंत्र से आगरा नहर में छोड़ने का प्रस्ताव था एक क्यूसेक 1 घन फुट प्रति सेकंड के बराबर होता है।
उप्र जल निगम ने एक जुलाई 2020 को दिल्ली जल बोर्ड को भेजी गई एक रिपोर्ट में कहा था। की परियोजना व्यवहारिक है। दिल्ली जल बोर्ड ने रिपोर्ट तैयार करने के लिए 70 लाख रूपए का भुगतान किया था।
उप्र सरकार के कार्यकारी अभियंता ने 9जुलाई 2021 को एक पेज में DJB को सूचित किया है RTI रिपोर्ट के अनुसार उप्र सरकार ने योजना से पीछे हटने की वजह बताये बिना ही 70 लाख रूपए की राशि भी वापस कर दी, जो DJB ने रिपोर्ट के लिए तैयार कराई थी।
दस्तावेजों से पता चला है कि DJB ने बाद में दिल्ली सरकार से कहा था। कि यूपी सरकार कि सहमति लेने के लिए उच्च स्तर पर हस्ताछेप और अनुरोध किया जाना चाहिए। लेकिन उपराज्यपाल के अनुरोध पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली दिल्ली को लगभग 1200 MGD जल कि आवश्यकता होती है।