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यूपी100 को आईएसओ सार्टिफिकेशन का डीजीपी ने किया अनावरण, यूपी100 की कुछ खासियत पर एक नज़र

यूपी 100 हस्‍तपुस्तिका का विमोचन करते हुए डीजीपी सुलखान सिंह ने बताई अहम बातें।

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लखनऊ

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Dhirendra Singh

Aug 30, 2017

DGP Sulkhan Singh

DGP Sulkhan Singh

लखनऊ. उत्तर प्रदेश डीजीपी सुलखान सिंह ने बुधवार को यूपी 100 भवन में यूपी 100 हस्‍तपुस्तिका का विमोचन किया। साथ ही यहां आयोजित कार्यक्रम में यूपी100 को आईएसओ 9001 सार्टिफिकेशन का अनावरण भी किया। उन्होंने इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड व हिन्‍दुस्‍तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा पीआरवी को ईंधन आपूर्ति किये जाने के फलस्‍वरूप अर्जित किये गये क्रेडिट प्‍वाइंट्स के भुगतान के लिए यूपी100 को चेक प्रदान किए।

यूपी-100 हस्‍तपुस्तिका (MANUAL)
उत्‍तर प्रदेश में नागरिकों को सार्वजनिक सुरक्षा से संबंधित पुलिस एकीकृत आपात सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्‍य से यूपी100 परियोजना का प्रारम्भ किया गया है। यूपी100 परियोजना के प्रशासनिक नियंत्रण, प्रभावी संचालन व पर्यवेक्षण के विभिन्‍न स्‍तरों के संबंध में स्‍पष्‍टता तथा यूपी100 व जनपदीय पुलिस अधिकारियों के मध्‍य सामंजस्‍य स्‍थापित कर यूपी100 के सुचारू रूप से संचालन के लिए यूपी100 हस्‍तपुस्तिका निर्गत की गई।

आई.एस.ओ:9001 (ISO:9001)
UP100 प्रणाली के अन्‍तर्गत 700 से ज्‍यादा मानक संचालन प्रक्रियाएं (एस0ओ0पी) प्रचलन में है। प्रदेश के 75 जनपदों में संचालित 3000 पुलिस प्रतिक्रिया वाहनों पर 21000 से ज्‍यादा पुलिस बल का व्‍यवस्‍थापन है। इस विशाल स्‍तर की संस्‍था के लिए यह आवश्‍यक है कि संस्‍था द्वारा प्रदत्‍त अपनी सेवाओं को विश्‍वस्‍तरीय मानक व गुणवत्‍ता के प्रावधानों को बनाए रखते हुए राज्‍य स्‍तर पर निरन्‍तर 24x7 सेवा प्रदान की जाए। जन-सामान्‍य को पुलिस सहायता उपलब्‍ध कराए जाने की परिकल्‍पना, उद्देश्‍य और लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने के लिए यूपी100 को ISO: 9001 Certificate प्रदान किया गया है।

ISO:9001: प्रमाणीकरण
ISO मानक किसी संस्‍थान द्वारा संचालित कार्यप्रणाली की दक्षता में वृद्धि के साथ संस्‍था द्वारा सम्‍पादित किए जा रहे कार्यो में निरन्‍तरता प्रदान करता है। यह मानक संस्‍थान की गुणवत्‍ता प्रबन्‍धन प्रणाली में महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है। इसके फलस्‍वरूप संस्‍थान द्वारा संचालित क्रियाविधि द्वारा उपभोक्‍ताओं को संतुष्टि के साथ बेहतर परिणाम प्रदान किया जाता है।

आईएसओ प्रमाणीकरण की प्रक्रिया एवं महत्‍वपूर्ण बिन्‍दु:
National Accreditation Board for Certification Bodies (NABCB) India द्वारा ISO:9001 प्रमाणीकरण के लिए अधिकृत संस्‍था BSCIC के लेखापरीक्षकों द्वारा आईएसओ प्रमाणीकरण प्रदान किए जाने वाली संस्‍था का भ्रमण कर विभिन्‍न अभिलेख प्राप्‍त किये जाते हैं और संस्‍थान द्वारा प्रयोग में लाई जा रही प्रणाली की क्रियाविधि का परीक्षण किया जाता है।
UP100 संस्‍था के निर्माण में जनसामान्‍य की सेवा प्राथमिकता है। इसके लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं के साथ संस्‍था का संगठनात्‍मक ढांचा तैयार किया गया है। संगठनात्‍मक ढांचा एवं प्रक्रिया के प्रारूप को ISO:9001Certificate की पंजीकृत संस्‍था के साथ साझा किया गया। गुणवत्‍ता मानक के सकल परीक्षणोपरान्‍त संस्‍था की कार्यशैली व गुणवत्‍ता मानकों के अनुरूप पाई गयी ।
लेखापरीक्षकों द्वारा विभिन्‍न चरणों के अन्‍तर्गत 45 दिनों में किये गये ऑडिट के आधार पर अपनी रिपोर्ट प्रस्‍तुत की गई। NABCB द्वारा जांच के बाद ISO:9001Certificate प्रदान किया गया।

ये होगा खास
पुलिस थाना एप्‍लीकेशन -
यह एप्‍लीकेशन इंटरनेट के माध्‍यम से संचालित की जायेगी। इस एप्‍लीकेशन में थाना स्‍तर पर यूपी100 में प्राप्‍त सूचनाओं का विवरण उपलब्‍ध होगा। थाना प्रभारी जिन प्रकरणों में एफआईआर, जीडी व एनसीआर वांछित है, उनमें वैधानिक कार्यवाही करते हुए अपने विवेक के अनुसार एफआईआर, जीडी व एनसीआर अंकित करेंगे।

वरिष्‍ठ अधिकारियों के लिए डैशबोर्ड -
यह एप्‍लीकेशन इन्‍ट्रानेट जैसे डीसीआर, जोन कन्‍ट्रोल एवं रेंज कन्‍ट्रोल में अधिष्‍ठापित सुपरवाइजरी टर्मिनल पर उपलब्‍ध होगी। इस एप्‍लीकेशन के माध्‍यम से जोन, रेंज, जनपद, एरिया, सर्किल व थानावार यूपी100 पर प्राप्‍त होने वाली सूचनाएं नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों का रिस्‍पान्‍स टाईम, पुलिस और पीआरवी के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायत आदि का विवरण देखा जा सकेगा। थानों द्वारा यूपी100 को प्राप्‍त प्रकरणों में कृत कार्यवाही का पूर्ण विवरण उपलब्‍ध होगा।

यूपी 100 वाहनों के प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए जनपदीय पुलिस अधिकारियो हेतु मोबाइल एप्‍लीकेशन-
यह एप्‍लीकेशन स्‍मार्ट फोन पर उपलब्‍ध होगी। इस एप्‍लीकेशन के माध्‍यम से अपने कार्य क्षेत्र के अन्‍तर्गत यूपी100 से सम्‍बन्धित सूचनाओं व वाहनों की लोकेशन आदि देखते हुए निकट पर्यवेक्षण किया जा सकेगा।

जनपदों में गश्‍त व्‍यवस्‍था के प्रभावी नियोजन व पर्यवेक्षण के लिए पेंट्रोल मैनेजमेन्‍ट सिस्‍टम -
यह एप्‍लीकेशन इन्‍ट्रानेट जैसे डीसीआर,यह एप्‍लीकेशन इन्‍ट्रानेट जैसे डीसीआर, जोन कन्‍ट्रोल एवं रेन्‍ज कन्‍ट्रोल में अधिष्‍ठापित सुपरवाइजरी टर्मिनल पर उपलब्‍ध होगी। इस एप्‍लीकेशन के माध्‍यम से गश्‍त चार्ट क्रिएट किए जा सकेगें। क्रिएट किए गये गश्‍त चार्ट के अनुसार गश्‍त व्‍यवस्‍था सुनिश्चित की जा सकेगी। पीआरवी वाहनों का प्रभावी नियोजन व पर्यवेक्षण किया जा सकेगा।

यूपी-100 परियोजना में ई-लर्निग की व्‍यवस्‍था
यह एप्‍लीकेशन इन्‍ट्रानेट जैसे डीसीआर, जोन कन्‍ट्रोल एवं रेंज कन्‍ट्रोल में अधिष्‍ठापित सुपरवाइजरी टर्मिनल पर उपलब्‍ध होगी। इस एप्‍लीकेशन में यूपी100 प्रणाली से सम्‍बन्धित प्रशिक्षण सामग्री उपलब्‍ध रहेगी।

यूपी-100 पोर्टल
यह एप्‍लीकेशन इन्‍टरनेट एवं इन्‍ट्रानेट पर उपलब्‍ध है। इस पोर्टल के माध्‍यम से जनपद स्‍तर पर किए गये सराहनीय कार्य अपलोड किए जा सकेगें। जनपद स्‍तर पर यूपी100 से सम्‍बन्धित उपकरणों की खराबी,समस्‍या अंकित की जा सकेगी।

यूपी-100 मोबाइल एप्‍लीकेशन में लापता एवं अज्ञात व्‍यक्तियों की पहचान हेतु सेवाएं -
यह एप्‍लीकेशन स्‍मार्ट फोन पर उपलब्‍ध है। थाना प्रभारी से अपेक्षा है कि वह अपने कार्य क्षेत्र के अन्‍तर्गत लापता व्‍यक्तियों से सम्‍बन्धित सूचना अंकित करेगें, जिससे नागरिको के लिए उपयोगी डाटा-बेस तैयार हो सके। नागरिकों से अपेक्षा की गयी है कि उनके द्वारा लापता व्‍यक्तियों के बारे में सूचना अंकित की जाए।

नागरिकों को घटनाओं से सम्‍बंधित फोटो व वीडियो साक्ष्‍य पोर्टल -
यह एप्‍लीकेशन इन्‍टरनेट पर उपलब्‍ध है। इस एप्‍लीकेशन के माध्‍यम से नागरिकों को यह सुविधा प्रदान की गयी है कि उनके द्वारा किसी घटना के सम्‍बंध में ऑडियो व वीडियो अपलोड किए जा सकते है।

उपलब्धियां (01.04.2017 से 25.08.2017 तक) -
उत्‍तर प्रदेश सरकार की महत्‍वपूर्ण योजनाओं में एक उ0प्र0 पुलिस राज्‍यव्‍यापी आपदा प्रबंधन प्रणाली यूपी100 द्वारा प्रारम्‍भ से ही प्रदेश की जनता को आकस्मिक पुलिस सहायता प्रदान की जा रही है। दिनांक 1 अप्रैल से 25 अगस्त 2017 तक में यूपी-100 की प्रमुख उपलब्धियों का विवरण निम्‍नवत है -

1. इस अवधि में कुल 1,43,81,458 कॉल (औसतन लगभग 98,503 कॉल प्रतिदिन) प्राप्‍त की गई।
2. इस अवधि में कुल 21,96,991 घटनाएं (औसतन लगभग 15,048 इवेंट प्रतिदिन) बनीं ।
3. महिला संबंधी कुल 1,65,124 प्रकरण (औसतन लगभग 1,131 प्रकरण प्रतिदिन) प्राप्‍त हुए जिनमें यूपी100 के पीआरवी द्वारा तत्‍काल मौके पर पहुंच कर अपने स्‍तर से अथवा थाना पुलिस के माध्‍यम से पीडि़त महिलाओं की सहायता की गई।
4. वरिष्‍ठ नागरिक संबंधी कुल 53,363 प्रकरण (औसतन लगभग 365 प्रकरण प्रतिदिन) प्राप्‍त हुए, जिनमें यूपी100 के पीआरवी द्वारा तत्‍काल मौके पर पहुंच कर अपने स्‍तर से अथवा थाना पुलिस के माध्‍यम से बुजुर्ग नागरिकों की सहायता की गई।
5. इस अवधि में कुल 22,640 घायलों (औसतन लगभग 155 घायल प्रतिदिन) को समय से इलाज हेतु पीआरवी से अथवा 108 एम्‍बुलेंस से नजदीकी अस्‍पताल भर्ती कराया गया।
6. इस अवधि में कुल 457 लोगों को आत्‍महत्‍या के प्रयास के दौरान रोक कर उनकी जान बचाई गई।
7. कुल 1,53,783 व्‍यक्तियों (औसतन लगभग 1,053 व्‍यक्ति प्रतिदिन) को अपराध नियंत्रण तथा शान्ति व्‍यवस्‍था के दृष्टिगत थाने के सुपुर्द किया गया।
8. दिनांक 18 जून को आलोच्‍य अवधि में सबसे अधिक कुल 18,522 घटनाओं की सूचनाएं प्राप्‍त हुईं, जो कि इस अवधि में अधिकतम रहा।

आईओसीएल एवं एचपीसीएल द्वारा प्रदत्‍त क्रेडिट प्‍वाइंट का विवरण-
इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा पीआरवी को ईंधन आपूर्ति किये जाने के फलस्‍वरूप अर्जित किये गये क्रेडिट प्‍वाइंट्स के भुगतान हेतु यूपी100 को रू0 50 लाख का चेक दिया गया। हिन्‍दुस्‍तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा पीआरवी को ईंधन आपूर्ति किये जाने के फलस्‍वरूप अर्जित किये गये क्रेडिट प्‍वाइंट्स के भुगतान हेतु यूपी 100 को रू0 30 लाख का चेक दिया गया।