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यूपी में SIR में कटे 2.04 करोड़ नाम, कुल मतदाता घटकर 13.39 करोड़, जानें क्यों काटे गए नाम

UP Voter List 2026: उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद मतदाता सूची से 2.04 करोड़ नाम कटे। कुल मतदाता अब 13.39 करोड़।

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यूपी में SIR 2.04 करोड़ मतदाता सूची से बाहर, PC- Patrika

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की फाइनल मतदाता सूची आज शुक्रवार को जारी कर दी गई। इससे पहले अक्टूबर 2025 में प्रदेश में कुल 15.44 करोड़ मतदाता थे, जो अब 13.39 करोड़ (13,39,84,792) रह गए हैं। नेट रूप से 2.04 करोड़ नाम कटे हैं, जबकि दावे-आपत्ति के दौरान 84 लाख से अधिक नाम वापस जोड़े गए।

कब से शुरू हुई थी SIR की प्रक्रिया

अक्टूबर 2025 में SIR अभियान शुरू की शुरूआत हुई। उस समय कुल मतदाता 15.44 करोड़ थे। जनवरी 2026 में एक ड्राफ्ट जारी किया गया, जिसमें कुल मतदाता 12.55 करोड़ थे। इस सूची में कुल 2.84 (2.89 करोड़ नाम कटे)। जनवरी-मार्च 2026 तक दावे और आपत्तियां ली गई हैं। दावे-आपत्ति की अवधि (फॉर्म-6, 7, 8), जिसमें 70 लाख से अधिक शामिल करने के दावे आए। 10 अप्रैल 2026 को फाइनल लिस्ट जारी की गई है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह सफाई अभियान है, जिसमें मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अनुपस्थित मतदाताओं के नाम हटाए गए। कोई वैध मतदाता जानबूझकर नहीं हटाया गया।

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की कैंट विधानसभा सीट पर 34.18% नाम कटे। संख्या में सबसे ज्यादा आईटी मंत्री सुनील शर्मा की साहिबाबाद सीट पर 3,16,484 नाम कटे।

मतदाता सूची से नाम कटने का प्रमुख कारण

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि अधिकतर नाम स्थायी स्थानांतरण, मृत्यु, डुप्लीकेट एंट्री, लंबे समय से अनुपस्थिति, अन्य लॉजिकल त्रुटियां की वजह से मतदाता सूची से नाम हटाया गया। चुनाव आयोग का दावा है कि यह नियमित सफाई है, जो चुनावी प्रक्रिया को मजबूत बनाती है।

समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसे 'लोकतंत्र पर हमला' और 'बड़े पैमाने पर वोट कटौती' बताया। कुछ दलों ने आरोप लगाया कि वैध मतदाताओं के नाम भी गलती से कटे हैं। BJP ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह केवल डुप्लीकेट और अवैध नामों की सफाई है।

निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची की फाइनल लिस्ट जारी कर दी गई है, जिसे लेकर वर्तमान में पूरे देश में एक विशेष अभियान चल रहा है। उत्तर प्रदेश में इस बार मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR 2026) के दौरान बड़ी संख्या में नामों की कटौती देखी गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य एक साफ, सटीक और समावेशी लिस्ट तैयार करना है ताकि आगामी चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सकें। यदि आप अपना नाम चेक करना चाहते हैं, तो आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in या ceouttarpradesh.nic.in पर जाकर 'Search your name in Electoral Roll' सेक्शन का चुनाव करें। यहाँ आप अपने EPIC नंबर (वोटर आईडी कार्ड नंबर), अपने नाम और पिता/पति के नाम के विवरण से, या अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से आसानी से अपनी स्थिति जान सकते हैं।