
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की 17 में से 12 हवाई पट्टियों पर जल्द ही निजी फ्लाइंग क्लब (Flying Club) व ट्रेनिंग अकादमियों (Training Academy) के छोटे-छोटे प्रशिक्षु विमान (Training Plain) उड़न भरते नजर आएंगे। यूपी की 12 हवाई पट्टियों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर संचालित किया जाएगा। इससे न सिर्फ राजस्व की प्राप्ति होगी बल्कि रोजगार के नए मौके खुलेंगे और हवाई पट्टियों का रख-रखाव भी आसान होगा। यूपी सरकार के कैबिनेट ने एविएशन सेक्टर (Aviation Sector) के ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिये हवाई पट्टियों (Air port Runway) के इस्तेमाल को हरी झंडी दे दी है। उड्डयन क्षेत्र में ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिये फ्लाइंग क्लब अकादमियों को हवाई पट्टियों के उपयोग की नीति को मंजूरी मिलने के बाद पीपीपी माॅडल (PPP Model) पर हवाई पट्टियों के इस्तेमाल की इजाजत दी जाएगी। अभी वर्तमान में चार जिलों की कुछ हवाई पट्टियों पर निजी संस्थाओं की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
कौन सी हैं हवाई पट्टियां
नई नीति के तहत अंबेडकर नगर के अकबरपुर, सुल्तानपुर के अमहट, गाजीपुर के अंधऊ, अलीगढ़ के धनीपुर, सोनभद्र के म्योपुर, सैफई के इटावा, लखीमपुर खीरी के पलिया, कानपुर देहात के रसूलाबाद, श्रावस्ती, फर्रुखाबाद, झांसी, चित्रकूट और आजमगढ़ जिलों के कुल 12 हवाई पट्टियों का इस्तेमाल पीपीपी माॅडल के तहत होगा। हालांकि फ्लाइंग क्लब और अकादमियाें को नागर उड्डयन विभाग की चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। इसके बाद इन्हें हवाई पट्टियों, उन पर निर्मित हुए हैंगर और दूसरे जरूरी भवन आदि परिसम्पत्तियों को ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिये इस्तेमाल करने की इजाजत दी जाएगी। हवाई पट्टियों पर फ्लाइंग क्लबों से प्लेन उड़ाने की ट्रेनिंग और रोजगार के नए मौके खुलेंगे।
मिलेगी फ्लाइंग ट्रेनिंग, बढ़ेंगे रोजगार के मौके
दरअसल 13 साल पहले 2007 में तब क्रियाशील सभी 12 हवाई पट्टियों को पीपीपी माॅडल पर ऑपरेट कर निजी संस्थाओं को इस्तेमाल की इजाजत देने की नीति निर्धारित हुई थी, ताकि रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ ही इससे मिले राजस्व से हवाई पट्टियों के रख रखाव आदि में होने वाले खर्च में किसी प्रकार की दिक्कत न आए। वर्तमान में अलीगढ़ के चार, सुल्तानपुर, मेरठ और अयोध्या की एक-एक हवाई पट्टी पर निजी संस्थाओं की गतिविधियां संचालित हो रही हैं। नई नीति को मंजूरी मिलने के बाद इनकी संख्या बढ़ जाएगी।
यूपी होगा 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला प्रदेश
बताते चलें कि उत्तर प्रदेश जल्द ही देश में एविएशन सेक्टर में सिरमौर होगा। देश का अकेला ऐसा राज्य होगा जहां पांच अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट (International Airports in Uttar Pradesh) संचालित होंगे। अभी फिलहाल, लखनऊ और वाराणसी से ही इंटरनेशनल उड़ानें संचालति होती हैं। जल्द ही बनकर तैयार हो चुके कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Kushinagar International Airport) से भी उड़ान शुरू करने की तैयारी है। इसके बाद नोएडा के जेवर एयरपोर्ट (Jevar International Airport) और अयोध्या में बन रहे श्रीराम इंटरनेशनल एयरपोर्ट (International Airports in Uttar Pradesh) भी 2024 से पहले शुरू हो जाएंगे।
Published on:
18 Aug 2021 08:20 pm
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