
एम्बुलेन्स के माध्यम से रोगियों की सेवा में आसानी होगी। रोगियों के लिए दान में दिए गए उपकरण का उचित प्रयोग हो। उन्होंने कहा कि एम्बुलेन्स का दुरूपयोग न हो बल्कि जिस कार्य के लिए दान मिला है, उसी के लिए उपयोग हो। कैंसर एवं वृद्धावस्था के जटिल रोगों से ग्रसित मरीजों के लिए कार्य करने वाली संस्था आस्था की सराहना करते हुए कहा कि रोगी सेवा परम सेवा है। कैंसर के मरीज को जिन्दा रहने के लिए उम्मीद और उमंग की आवश्यकता होती है। समय पर इलाज, परिवार का सहयोग और मरीज में इच्छाशक्ति का निर्माण करने से मरीज को जल्दी लाभ होता है। आस्था संस्था से जुड़े लोग पूरे समर्पण भाव से इस पावन दायित्व को निभाएं।

आस्था के संस्थापक अभिषेक शुक्ला ने बताया कि 12 साल पहले संस्था का शुभारम्भ किया गया था। अस्पताल में गम्भीर कैंसर रोगियों और शैय्याग्रस्त रोगियों के लिए 60 बेड वाला यूनिट भी है। टोल फ्री नम्बर के माध्यम से संस्था से सम्पर्क किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि लगभग 6,500 लोग संस्था से जुड़े हैं।